Delhi Jal Board की MCD से मांगी 5 साल की बिल्डिंग रिकॉर्ड, 2,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
Delhi: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने पिछले पांच सालों के बिल्डिंग प्लान के रिकॉर्ड नगर निगम (MCD) से मांगे हैं। यह कदम इंफ्रास्ट्रक्चर फंड चार्ज (IFC) की वसूली में हुई बड़ी गड़बड़ी की जांच के लिए उठाया गया है। सूत्रों के मुता
Delhi: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने पिछले पांच सालों के बिल्डिंग प्लान के रिकॉर्ड नगर निगम (MCD) से मांगे हैं। यह कदम इंफ्रास्ट्रक्चर फंड चार्ज (IFC) की वसूली में हुई बड़ी गड़बड़ी की जांच के लिए उठाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस लापरवाही की वजह से सरकार को करीब 2,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
जांच में यह बात सामने आई है कि शुरुआती दो साल के रिकॉर्ड में लगभग 70% मामलों में IFC जमा नहीं किया गया था। जल बोर्ड अब उन इमारतों पर खास नजर रख रहा है जो 3,000 वर्ग मीटर से बड़ी हैं। ऐसी करीब 300 संपत्तियां हैं जिन पर 20 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक का बकाया होने का अनुमान है। दिल्ली के जल मंत्री परवेश वर्मा ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि, लोगों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा, लेकिन भुगतान न करने पर परिसर को सील करने और नीलामी जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
दूसरी तरफ, सरकार ने आम लोगों के लिए कुछ नियमों में ढील भी दी है। 7 जुलाई 2026 को जल बोर्ड ने कई कमर्शियल और संस्थागत इमारतों के लिए IFC शुल्क में 90% तक की कटौती की है ताकि लोगों के लिए काम आसान हो सके। इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 23 मई 2026 को नई पॉलिसी लागू की थी, जिसके तहत अब शुल्क पूरे प्लॉट के बजाय पानी की वास्तविक जरूरत के आधार पर तय होगा।
| श्रेणी/सुविधा | छूट/नियम |
|---|---|
| E और F कैटेगरी कॉलोनी | 50% की छूट |
| G और H कैटेगरी कॉलोनी | 70% तक की छूट |
| 200 वर्ग मीटर से छोटे प्लॉट | IFC लागू नहीं होगा |
| धार्मिक और चैरिटेबल संस्थान | 50% की छूट |
| ZLD सिस्टम अपनाने वाले संस्थान | 50% तक की छूट |
| प्रोविजनल NOC | 25% अग्रिम भुगतान पर उपलब्ध |
इस पूरे मामले में इंडियन प्लंबिंग एसोसिएशन के नेशनल प्रेसिडेंट गुरमित सिंह अरोड़ा ने सुझाव दिया कि अगर जल बोर्ड पुरानी और लीक होती पाइपलाइनों को ठीक कर ले, तो नॉन-रेवेन्यू वॉटर लॉस (46-55%) कम होगा और कमाई में 30% की बढ़ोतरी हो सकती है।