Delhi: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) शहर भर में e-KYC अभियान शुरू करने जा रहा है। इस कदम का मकसद फर्जी पानी कनेक्शनों को पकड़ना, बिलिंग की गलतियों को सुधारना और सेवाओं को बेहतर बनाना है। जल मंत्री परवेश वर्मा की अध्यक्षता में हु
Delhi: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) शहर भर में e-KYC अभियान शुरू करने जा रहा है। इस कदम का मकसद फर्जी पानी कनेक्शनों को पकड़ना, बिलिंग की गलतियों को सुधारना और सेवाओं को बेहतर बनाना है। जल मंत्री परवेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई बोर्ड मीटिंग में इस डिजिटल डेटाबेस अपडेट को मंजूरी दे दी गई है।
e-KYC ड्राइव क्यों शुरू की जा रही है?
जल मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली में बिजली कनेक्शन और पानी के कनेक्शनों की संख्या में बहुत बड़ा अंतर है। शहर में बिजली के 60 लाख से ज्यादा कनेक्शन हैं, जबकि जल बोर्ड के पास केवल 35 लाख रजिस्टर्ड कनेक्शन हैं। इसी अंतर को देखते हुए यह वेरिफिकेशन जरूरी समझा गया ताकि बिना रजिस्ट्रेशन वाले और फर्जी कनेक्शनों की पहचान की जा सके। इससे गलत बिल आने और मीटर खराब होने जैसी शिकायतों को भी दूर किया जाएगा।
वेरिफिकेशन की प्रक्रिया और खर्च क्या होगा?
इस पूरे अभियान में करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। जल बोर्ड की टीमें घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगी। इसमें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा, जैसे:
- मीटर की फोटो खींचना
- GPS टैगिंग करना
- बिल डिलीवरी का डिजिटल सबूत लेना
अधिकारियों का कहना है कि अगले छह महीनों के भीतर करीब 35 लाख उपभोक्ताओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर लिया जाएगा, जिससे भविष्य में बिलों को लेकर होने वाले विवाद कम होंगे।
अन्य जरूरी अपडेट्स और सुरक्षा नियम
साइबर क्राइम की घटनाओं को देखते हुए DJB ने अपने ‘Know Your KNO’ पोर्टल को केवल रजिस्टर्ड यूजर्स के लिए सीमित कर दिया है, ताकि स्कैमर्स डेटा का गलत इस्तेमाल न कर सकें। इसके अलावा, जल मंत्री ने लेट पेमेंट सरचार्ज (LPS) माफी योजना को 15 अगस्त तक बढ़ा दिया है। जल बोर्ड ने यमुना नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए नए सीवर प्रोजेक्ट्स और वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट को भी मंजूरी दी है।