Delhi में 30 लाख घरों के लिए शुरू हुआ e-KYC ड्राइव, अब पानी के बिलों में होगी पारदर्शिता
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में पानी की सप्लाई और बिलिंग सिस्टम को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जल मंत्री परवेश वर्मा ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को छह महीने के विशेष e-KYC ड्राइव की घोषणा की। इस मुहिम का मुख्य मकसद
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में पानी की सप्लाई और बिलिंग सिस्टम को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जल मंत्री परवेश वर्मा ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को छह महीने के विशेष e-KYC ड्राइव की घोषणा की। इस मुहिम का मुख्य मकसद उन 30 लाख से ज्यादा घरों को नियमित करना है जिन्हें पाइप से पानी तो मिल रहा है, लेकिन उनके नाम पर कोई बिल नहीं आ रहा है।
मंत्री परवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के कुल 73 लाख उपभोक्ताओं में से करीब 40 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्हें बिना बिल के पानी मिल रहा है। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि जहां दिल्ली में 60 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं, वहीं जल बोर्ड के पास केवल 30 लाख रजिस्टर्ड ग्राहक हैं। इस अंतर की वजह से बिलिंग सिस्टम में काफी दिक्कतें आ रही थीं और विभाग सही तरीके से काम नहीं कर पा रहा था।
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने तीन अलग एजेंसियों को लगाया है। ये एजेंसियां घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करेंगी, डिजिटल डेटा अपडेट करेंगी और मीटर की रीडिंग लेकर फोटो खींचेंगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बिल सही पते पर पहुंच रहे हैं या नहीं। इस काम को पूरा करने के लिए करीब 700 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी रखे जाएंगे और हर साल 40 इंटर्न्स को भी मौका दिया जाएगा।
e-KYC के अलावा जल बोर्ड ने दिल्ली की पानी और सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए कई अन्य प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है:
| प्रोजेक्ट का नाम | विवरण/बजट |
|---|---|
| Water ATMs | 250 फ्री एटीएम, लागत 58 करोड़ रुपये |
| STP प्लांट्स | 15 नए प्लांट, लागत करीब 2,000 करोड़ रुपये |
| Sewer Lines | 244 अनधिकृत कॉलोनियों और 57 गांवों में लाइनें |
| Yamuna सफाई | 4,500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स मंजूर |
| Underground Reservoirs | संगम विहार और तुगलकाबाद में नए रिजर्वोयर |
| Wazirabad Pondage | कच्चे पानी के स्टोरेज की क्षमता बढ़ाई जाएगी |
इन सुधारों से करीब 33 लाख लोगों को सीवर लाइनों का फायदा मिलेगा और यमुना नदी को साफ करने के काम में तेजी आएगी। साथ ही IIT Roorkee द्वारा मुनका रेगुलेटर से हैदरपुर तक प्रेशर मेन बिछाने की स्टडी भी मंजूर की गई है, जिसकी कुल लागत 7,240 करोड़ रुपये हो सकती है।