Delhi: अरविंद केजरीवाल सरकार की ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ में 38 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 कोच
Delhi: अरविंद केजरीवाल सरकार की ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ में 38 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 कोचिंग संचालकों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाने और छात्रों को पढ़ाने के झूठे दावे करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करने के बाद तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।
कौन-कौन से कोचिंग संस्थान और लोग हुए गिरफ्तार
इस कार्रवाई में मुखर्जी नगर और रोहिणी के कई बड़े कोचिंग सेंटर शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए मुख्य लोगों में मुखर्जी नगर के रवींद्र इंस्टीट्यूट के निदेशक रवींद्र कुमार, रोहिणी के तक्षशिला इंस्टीट्यूट के निदेशक नरेंद्र कुमार गुप्ता, किरण इंस्टीट्यूट के निदेशक शंभू शरण और परिणाम इंस्टीट्यूट के निदेशक दिग्विजय कुमार शामिल हैं। जांच में पता चला कि रवींद्र इंस्टीट्यूट के निदेशक ने तीन छोटे ट्यूशन सेंटर वालों को भी इस योजना के तहत पढ़ाने का ठेका दे दिया था, जिन्हें भी पुलिस ने पकड़ लिया है।
क्या थी यह योजना और कैसे हुआ घोटाला
यह योजना 2018 में SC, ST, OBC और EWS श्रेणी के गरीब छात्रों को UPSC, SSC, NEET और CLAT जैसी बड़ी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग देने के लिए शुरू की गई थी। नियमों के मुताबिक, 2 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों के छात्रों की पूरी फीस सरकार भरती थी और 6 लाख तक की आय वालों की 75% फीस दी जाती थी। इसके अलावा छात्रों को 2500 रुपये महीना वजीफा भी मिलता था। आरोप है कि संचालकों ने फर्जी कागजात लगाकर सरकार से करोड़ों रुपये हड़प लिए।
जांच की शुरुआत और घोटाले की राशि का विवाद
इस पूरे मामले की जांच तत्कालीन उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देश पर पिछले साल अगस्त में शुरू हुई थी। करीब आठ महीने की जांच के बाद अब ये गिरफ्तारियां हुई हैं। हालांकि, घोटाले की राशि को लेकर अलग-अलग दावे हैं। हालिया रिपोर्ट में 38 करोड़ रुपये का जिक्र है, लेकिन जुलाई 2025 की कुछ रिपोर्टों में इस घोटाले की रकम 142 से 145 करोड़ रुपये बताई गई थी। आरोप था कि बजट 15 करोड़ था, लेकिन फर्जी बिलों के जरिए बहुत ज्यादा पैसा निकाला गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना का उद्देश्य क्या था?
इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर SC, ST, OBC और EWS छात्रों को UPSC, SSC और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग और 2500 रुपये मासिक वजीफा देना था।
ACB ने किन आधारों पर कोचिंग संचालकों को गिरफ्तार किया?
एसीबी ने पाया कि कोचिंग संचालकों ने फर्जी आय प्रमाण पत्र जमा किए थे और छात्रों को पढ़ाने के झूठे दावे करके सरकार से गलत तरीके से पैसे लिए थे।