Delhi के ITO इलाके में मोबाइल छीनने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने लगाया संगठित अपराध का कानून

Delhi: राजधानी के ITO और IP Estate इलाके में मोबाइल फोन छीनने वाले एक शातिर गिरोह को पुलिस ने दबोच लिया है। इस गिरोह के सदस्य एक सोची-समझी योजना के तहत वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आ

Delhi: राजधानी के ITO और IP Estate इलाके में मोबाइल फोन छीनने वाले एक शातिर गिरोह को पुलिस ने दबोच लिया है। इस गिरोह के सदस्य एक सोची-समझी योजना के तहत वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 के तहत संगठित अपराध का मामला दर्ज किया है।

यह पूरा मामला 27 जून को शुरू हुआ जब ग्वालियर, मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति ने IP फ्लाईओवर के पास कश्मीरी गेट की तरफ जाते समय अपना मोबाइल छिनने की शिकायत IP Estate पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पता चला कि इसी एक घंटे के भीतर उसी इलाके में ऐसी चार वारदातें हुई थीं। पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले और लोकल खुफिया जानकारी जुटाई, जिसके बाद आरोपियों तक पहुंच मिली।

पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पहला आरोपी आसिफ (26 वर्ष) है, जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का रहने वाला है। आसिफ एक पुराना अपराधी है और दिल्ली-NCR में उस पर पहले से 23 केस दर्ज हैं। वह शाहरुख़ नाम के साथी के साथ मिलकर वारदात करता था, जिसमें शाहरुख़ चोरी की मोटरसाइकिल चलाता था और आसिफ फोन छीनता था।

गिरोह के दूसरे सदस्य तारिक (22 वर्ष), जो शास्त्री पार्क का रहने वाला है, को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। तारिक का काम गिरोह के लिए चोरी की मोटरसाइकिलें इंतजाम करना और बाकी मदद देना था। पुलिस ने वह मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है जिसका इस्तेमाल वारदात में हुआ था। यह बाइक जाकिर नगर से मिली, जिसे पहले वजीराबाद से चुराया गया था।

DCP (Central) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि इस गिरोह में अर्जुन नाम का एक व्यक्ति भी शामिल था, जो चोरी के फोन बिकवाने का काम करता था। अर्जुन को इस काम के बदले कुल रकम का 5 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। पुलिस ने आरोपियों पर संगठित अपराध का कानून इसलिए लगाया क्योंकि उनके बीच काम का बंटवारा तय था, वे व्यवस्थित तरीके से लूट के पैसे आपस में बांटते थे और एक ही पैटर्न पर बार-बार अपराध कर रहे थे।