Delhi: दिल्ली पुलिस ने IPL टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब दिल्ली और डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों और दो कर्मचारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ
Delhi: दिल्ली पुलिस ने IPL टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब दिल्ली और डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों और दो कर्मचारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मुफ्त में मिलने वाले पास आखिर गलत हाथों में कैसे पहुंचे।
कैसे पकड़ा गया यह टिकट स्कैम
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 8 मई 2026 को दिल्ली गेट के पास जाल बिछाकर तीन लोगों को रंगे हाथों पकड़ा था। गिरफ्तार आरोपियों में मुकीम (मुरादाबाद, UP), गुफरान उर्फ साजिद (जामिया नगर, दिल्ली) और मोहम्मद फैसल (सीलमपुर, दिल्ली) शामिल हैं। ये लोग DDCA के अधिकृत प्रतिनिधि बनकर फर्जी तरीके से टिकट बेच रहे थे। 9 मई को इस मामले में FIR दर्ज की गई थी।
कितनी वसूली हो रही थी और कौन थे शामिल
DCP (क्राइम) संजीव कुमार यादव ने बताया कि जो कॉम्प्लिमेंट्री पास ‘बिक्री के लिए नहीं’ लिखे थे, उन्हें करीब 20,000 रुपये में बेचा जा रहा था। वहीं आम टिकटों को उनकी छपी हुई कीमत से दोगुने दाम पर बेचा गया। जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग शहरों में हवाई यात्रा कर अपने संपर्कों के जरिए टिकट जुटाते थे। शक है कि कुछ प्रीमियम टिकट स्टेडियम के अंदर सट्टेबाजी करने वाले लोगों और अपराधियों को भी दिए गए थे।
DDCA अधिकारियों से क्या होगी पूछताछ
पुलिस ने DDCA के अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि कॉम्प्लिमेंट्री पास बांटने की प्रक्रिया क्या थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इन कर्मचारियों से पूछताछ इस केस की सबसे अहम कड़ी है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है ताकि सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IPL टिकटों की कालाबाजारी में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुकीम (मुरादाबाद), गुफरान (जामिया नगर) और मोहम्मद फैसल (सीलमपुर) शामिल हैं।
कॉम्प्लिमेंट्री पास किस कीमत पर बेचे जा रहे थे?
DCP संजीव कुमार यादव के अनुसार, मुफ्त मिलने वाले पास लगभग 20,000 रुपये प्रति पास की दर से बेचे जा रहे थे।