Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए व्यावसायिक वाहनों पर लगने वाले एनवायरमेंट कंपनसेशन चार्ज (ECC) को बढ़ा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने CAQM के प्रस्ताव पर इस बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब द
Delhi: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए व्यावसायिक वाहनों पर लगने वाले एनवायरमेंट कंपनसेशन चार्ज (ECC) को बढ़ा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने CAQM के प्रस्ताव पर इस बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब दिल्ली में प्रवेश करने वाले ट्रकों को ज्यादा पैसा देना होगा, ताकि बाहरी राज्यों के भारी वाहन शहर के अंदर आने के बजाय पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करें।
नया ECC चार्ज क्या है और कितनी हुई बढ़ोतरी?
MCD ने व्यावसायिक वाहनों के लिए नए रेट तय किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2027 से हर साल इन रेट्स में 5% की बढ़ोतरी भी होगी। अब खाली वाहनों और जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को मिलने वाली छूट भी खत्म कर दी गई है, जिससे टोल नाकों पर चेकिंग के कारण लगने वाला जाम कम होगा।
| वाहन का प्रकार |
पुराना चार्ज (₹) |
नया चार्ज (₹) |
| 2-एक्सल ट्रक |
1400 |
2000 |
| 3 और 4-एक्सल वाहन |
2600 |
4000 |
भविष्य के नियम और प्रदूषण पर असर
प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर 2026 से और कड़े नियम लागू होंगे। इसके बाद केवल BS6, CNG या इलेक्ट्रिक भारी वाहनों को ही दिल्ली में आने की अनुमति मिलेगी, यानी पुराने डीजल ट्रकों की एंट्री बंद हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर 7,000 में से 5,000 भारी वाहन दिल्ली में आना कम करते हैं, तो रोजाना करीब 1.5 लाख किलो CO2 उत्सर्जन कम होगा।
ECC फंड के इस्तेमाल पर उठे सवाल
एक तरफ जहां चार्ज बढ़ाए गए हैं, वहीं फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं। साल 2015-16 से अब तक कुल 1753.2 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, लेकिन इसमें से 971 करोड़ रुपये अब भी खर्च नहीं हुए हैं। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने चिंता जताई है कि इस बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।