Delhi: दिल्ली NCR में अवैध निर्माण और बिना नक्शे के प्लॉटिंग को रोकने के लिए प्रशासन ने अब जनता की मदद लेने का फैसला किया है। LG V.K. Saxena के सुझाव पर अब लोग अपने इलाके में हो रहे अवैध निर्माण की फोटो सीधे MCD 311 ऐप औ
Delhi: दिल्ली NCR में अवैध निर्माण और बिना नक्शे के प्लॉटिंग को रोकने के लिए प्रशासन ने अब जनता की मदद लेने का फैसला किया है। LG V.K. Saxena के सुझाव पर अब लोग अपने इलाके में हो रहे अवैध निर्माण की फोटो सीधे MCD 311 ऐप और पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। सरकार का मकसद निगरानी तंत्र को मजबूत करना है ताकि गलत निर्माण पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।
अवैध निर्माण करने वालों पर क्या होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ किया है कि अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। नियम तोड़ने वाले मकान मालिकों और ऑपरेटरों को दो साल तक की जेल हो सकती है और उनके बैंक खाते भी फ्रीज किए जा सकते हैं। साथ ही, जो आर्किटेक्ट नक्शे में गंभीर बदलाव करेंगे, उन्हें DDA के पैनल से हटाकर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
अधिकारियों की जवाबदेही और नए नियम
ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और उनके वेतन, पेंशन या संपत्ति से नुकसान की वसूली की जा सकती है। स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के लिए District Magistrates (DMs) की शक्तियों को बढ़ाया गया है। सरकार अब पब्लिक यूज वाली बिल्डिंग्स और नर्सिंग होम के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस फ्रेमवर्क लाने पर भी विचार कर रही है।
हालिया कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट का रुख
सैदुलाजाब में पांच मंजिला इमारत गिरने से हुई छह मौतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने MCD से इस मामले में हलफनामा मांगा है। इसी बीच 1 जून से 6 जून के बीच MCD ने 94 अवैध संपत्तियों को ढहाया और 114 को सील किया। राजस्व विभाग ने भी 124 साइटों की जांच की, जिसमें 11 परिसर सील किए गए और 3 इमारतों को गिराया गया। अब जिला प्रशासन, पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त टीमें नियमित रिपोर्ट जमा करेंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अवैध निर्माण की शिकायत कैसे करें
दिल्ली के नागरिक MCD 311 ऐप या पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहां अवैध निर्माण की फोटो अपलोड करके सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
नियम तोड़ने पर कितनी सजा हो सकती है
नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रॉपर्टी मालिकों को दो साल तक की जेल हो सकती है और उनके बैंक अकाउंट भी फ्रीज किए जा सकते हैं।