Delhi IGI Airport में चलेगी बिना ड्राइवर की ट्रेन, T1 से T3 और Aerocity तक का सफर होगा आसान
Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर अब यात्रियों का सफर और भी आसान होने वाला है। यहाँ भारत की पहली बिना ड्राइवर वाली एयर ट्रेन (Automated People Mover) शुरू की जा रही है। यह ट्रेन एयरपोर्ट के अलग-अल
Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर अब यात्रियों का सफर और भी आसान होने वाला है। यहाँ भारत की पहली बिना ड्राइवर वाली एयर ट्रेन (Automated People Mover) शुरू की जा रही है। यह ट्रेन एयरपोर्ट के अलग-अलग टर्मिनल्स और एरोसिटी को आपस में जोड़ेगी, जिससे यात्रियों को अब शटल बसों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह पूरा प्रोजेक्ट करीब 7.7 किलोमीटर लंबा होगा, जिसमें 5.7 किलोमीटर हिस्सा ऊंचाई पर और 2 किलोमीटर जमीन पर होगा। इस सिस्टम के आने से टर्मिनल 1, टर्मिनल 2 और 3, एरोसिटी और कार्गो सिटी के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) इस प्रोजेक्ट को खुद फंड कर रहा है। पहले इसे किसी बाहरी कंपनी के जरिए चलाने की योजना थी, लेकिन बिड्स न मिलने के कारण अब DIAL इसे अपने आंतरिक फंड से पूरा करेगा। GMR एयरपोर्ट्स के चेयरमैन GBS राजू ने बताया कि एयरपोर्ट पर ट्रांसफर पैसेंजर्स की संख्या 2006 के 5% से बढ़कर अब 25% हो गई है, इसलिए यह ट्रेन बहुत जरूरी है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 7.7 किलोमीटर |
| स्टेशन | T1, T2/3 और एरोसिटी |
| बजट | ₹3,000 से ₹4,000 करोड़ |
| प्रौद्योगिकी | पूरी तरह ऑटोमैटिक (बिना ड्राइवर) |
| शुरुआत की उम्मीद | 2027 के अंत से 2029 के बीच |
| दैनिक क्षमता | शुरुआत में 40,000-50,000 यात्री |
इस ट्रेन की सबसे खास बात यह होगी कि यात्री अपने बोर्डिंग पास को स्कैन करके इसमें सवार हो सकेंगे। ट्रांजिट पैसेंजर्स के लिए यह सेवा मुफ्त होगी, जबकि अन्य लोगों से मामूली शुल्क लिया जा सकता है। सिविल निर्माण का काम भारतीय कंपनियां करेंगी, जबकि ट्रेन की तकनीक विदेशी कंपनियों से ली जाएगी। इससे डीजल बसों का इस्तेमाल कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।