Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर सोमवार, 18 मई 2026 को आतंकवाद से निपटने के लिए एक बड़ा सुरक्षा अभ्यास यानी मॉक ड्रिल किया गया। इस एक्सरसाइज का मकसद किसी भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बलों की त
Delhi: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर सोमवार, 18 मई 2026 को आतंकवाद से निपटने के लिए एक बड़ा सुरक्षा अभ्यास यानी मॉक ड्रिल किया गया। इस एक्सरसाइज का मकसद किसी भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा बलों की तैयारी और उनके रिस्पॉन्स टाइम को परखना था। यह पूरी ड्रिल दिल्ली के एविएशन सिक्योरिटी ग्रुप (ASG) के डीआईजी और मुख्य एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारी (CASO) की सीधी निगरानी में पूरी हुई।
इस मॉक ड्रिल में कौन-कौन शामिल रहा
सुरक्षा के इस बड़े अभ्यास में कई महत्वपूर्ण एजेंसियों ने मिलकर काम किया। इसमें मुख्य रूप से Central Industrial Security Force (CISF) की क्विक रिएक्शन टीम (QRT), बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) और डॉग स्क्वाड ने हिस्सा लिया। इनके अलावा दिल्ली पुलिस, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG), ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) और दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की टीमें भी तैनात रहीं। साथ ही दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) की फायर फाइटिंग टीम और मेडिकल सेवाओं ने भी अपनी भूमिका निभाई।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या था
इस ड्रिल के जरिए यह देखा गया कि अगर एयरपोर्ट पर कोई संकट आता है, तो अलग-अलग एजेंसियां आपस में कैसे तालमेल बिठाती हैं। इसका फोकस रियल-टाइम रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने और नए तरह के खतरों से निपटने की तैयारी पर था। CISF ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस अभ्यास का लक्ष्य ऑपरेशनल रेडिनेस को बढ़ाना और सुरक्षा ढांचे को और पुख्ता करना था। इससे पहले मार्च में भी एक इसी तरह की ड्रिल और मई में ‘अग्नि चक्र’ नाम का एयरक्राफ्ट क्रैश मॉक एक्सरसाइज किया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IGI एयरपोर्ट पर यह मॉक ड्रिल कब किया गया?
यह संयुक्त आतंकवाद विरोधी मॉक अभ्यास सोमवार, 18 मई 2026 को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आयोजित किया गया था।
इस सुरक्षा अभ्यास में किन एजेंसियों ने हिस्सा लिया?
इसमें CISF (QRT, BDDS, Dog Squad), दिल्ली पुलिस, NSG, BCAS, दिल्ली फायर सर्विस और एयरपोर्ट की मेडिकल व फायर फाइटिंग टीमों ने हिस्सा लिया।