Delhi के सरकारी अस्पतालों में 650 करोड़ का घोटाला, पूर्व अधिकारी Dr. Vinod Kumar Ranga गिरफ्तार

Delhi: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए बड़े घोटाले में एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के पूर्व ऑफिस हेड Dr. Vinod K

Delhi: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुए बड़े घोटाले में एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के पूर्व ऑफिस हेड Dr. Vinod Kumar Ranga को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि सरकारी पैसों का गलत इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का गबन किया गया है।

ACB ने Dr. Vinod Kumar Ranga को 18 जून 2026 को पकड़ा और अगले दिन उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गहराई से जांच के लिए उन्हें चार दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि डॉक्टर रंगा से पूछताछ के बाद कई गायब फाइलों का पता चलेगा और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों के नाम सामने आएंगे।

शुरुआत में यह घोटाला 350 करोड़ रुपये का बताया जा रहा था, लेकिन अब जांच में यह रकम बढ़कर 650 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह पूरा मामला दवाओं, सर्जिकल सामान और पोर्टेबल एक्स-रे मशीन जैसे उपकरणों की खरीद से जुड़ा है। जांच में यह बात सामने आई है कि टेंडर की शर्तों को इस तरह बदला गया ताकि कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा सके और असली मुकाबला खत्म किया जा सके।

ACB के मुताबिक, कई सामान बाजार भाव से बहुत ज्यादा महंगी कीमतों पर खरीदे गए। साथ ही, कई ऐसी चीजों का ऑर्डर दिया गया जिनकी अस्पताल में जरूरत ही नहीं थी। अधिकारियों ने यह भी पाया कि कई जरूरी फाइलें ऑफिस के बजाय Dr. Ranga की निजी कस्टडी में रखी हुई थीं।

इस पूरे मामले की शुरुआत दिल्ली सरकार के विजिलेंस निदेशालय की शिकायत के बाद हुई थी। 20 मई और 21 मई 2026 को CPA ऑफिस में छापेमारी की गई थी, जिसके बाद 2 जून 2026 को FIR दर्ज हुई। इस मामले में पूर्व DGHS Dr. Vatsala Aggarwal का तबादला भी किया गया था, हालांकि बाद में CAT ने उनके तबादले पर रोक लगा दी। फिलहाल ACB इस बात की जांच कर रही है कि इस घोटाले का पैसा किन निजी कंपनियों और अधिकारियों के पास गया है।