Delhi: दिल्ली के BLK-MAX Super Speciality Hospital में डॉक्टरों ने एक ऐसा चमत्कार किया है जिसने एक परिवार को नई जिंदगी दे दी। मध्य प्रदेश की रहने वाली एक 32 साल की गर्भवती महिला, जिसे गर्भावस्था के पांचवें महीने में ब्लड
Delhi: दिल्ली के BLK-MAX Super Speciality Hospital में डॉक्टरों ने एक ऐसा चमत्कार किया है जिसने एक परिवार को नई जिंदगी दे दी। मध्य प्रदेश की रहने वाली एक 32 साल की गर्भवती महिला, जिसे गर्भावस्था के पांचवें महीने में ब्लड कैंसर का पता चला था, उसकी सुरक्षित डिलीवरी हुई है। डॉक्टरों की सूझबूझ से मां और उसकी नन्हीं बच्ची दोनों अब पूरी तरह स्वस्थ हैं।
कैसे हुआ इलाज और डिलीवरी का फैसला
महिला को Acute Lymphoblastic Leukaemia नाम का ब्लड कैंसर था, जो बहुत तेजी से फैलता है। डॉक्टरों ने कीमोथेरेपी और भ्रूण की लगातार निगरानी के जरिए उसकी सेहत को स्थिर रखा ताकि प्रेग्नेंसी को आगे बढ़ाया जा सके। जब 32 हफ्ते और 4 दिन बाद बच्ची की ग्रोथ कम होने लगी और ब्लड फ्लो में बदलाव दिखा, तब डॉक्टरों ने इमरजेंसी सिजेरियन ऑपरेशन का फैसला लिया।
डॉक्टरों की टीम और बच्ची की सेहत
इस चुनौतीपूर्ण केस में BLK-MAX अस्पताल के Haemato Oncology और Bone Marrow Transplant के चेयरमैन Dr. Dharma Choudhary और उनकी टीम शामिल थी। 7 मई 2026 को डिलीवरी के बाद एक स्वस्थ बच्ची का जन्म हुआ, जिसका वजन 1.28 किलोग्राम है। डॉक्टरों के मुताबिक प्रेग्नेंसी के दौरान कैंसर का इलाज करना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि कीमोथेरेपी से होने वाले असर का खतरा बच्चे पर रहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महिला को कौन सा कैंसर था और डिलीवरी कब हुई
महिला को Acute Lymphoblastic Leukaemia (ब्लड कैंसर) था। उसकी सफल डिलीवरी 7 मई 2026 को दिल्ली के BLK-MAX Super Speciality Hospital में हुई।
बच्ची का वजन कितना है और उसकी हालत कैसी है
पैदा हुई बच्ची का वजन 1.28 किलोग्राम है। डॉक्टरों के अनुसार मां और बच्ची दोनों की हालत अब स्थिर और सुरक्षित है।