Delhi में अस्पताल की मिलीभगत से चल रहा था बच्चा तस्करी रैकेट, 13 गिरफ्तार और 6 मासूम बचाए गए

Delhi: दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट में अस्पतालों की मदद से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 से 13 लोगों को गिरफ्तार कि

Delhi: दिल्ली पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट में अस्पतालों की मदद से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और 5 से 6 मासूम बच्चों को सुरक्षित बचा लिया है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम ने 5 जून 2026 को पहाड़गंज के आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास एक स्टिंग ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो हफ्ते की मेहनत के बाद 18 जून 2026 को पुलिस ने इस गिरोह को दबोच लिया। जांच में पता चला कि रोहिणी के बेगमपुर इलाके में स्थित Heer Multispeciality Hospital इस पूरे रैकेट का मुख्य केंद्र था। यहाँ बच्चों को रखा जाता था और उनके फर्जी कागजात तैयार किए जाते थे ताकि तस्करी को कानूनी दिखाया जा सके।

गिरफ्तार किए गए लोगों में अस्पताल की मालिक डॉ. विवेकी, लैब तकनीशियन प्रतिभा, ड्राइवर विपिन और मुख्य तस्कर सायबाबाभाई घामर उर्फ कालिया शामिल हैं। इसके अलावा ज्योति उर्फ कमलेश और शालू नाम की दो महिलाएं भी पकड़ी गई हैं, जो पहले भी ऐसे ही धंधे में शामिल थीं और जमानत पर बाहर थीं। पुलिस ने उन तीन दंपत्तियों को भी गिरफ्तार किया है जिन्होंने इस गिरोह से बच्चे खरीदे थे।

विवरण जानकारी
तस्करी का दायरा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात
अनुमानित शिकार पिछले 1.5 से 2 साल में 30 से ज्यादा बच्चे
खरीद मूल्य (गरीब परिवार से) 1.5 लाख से 2 लाख रुपये
बिक्री मूल्य (लड़कों के लिए) 6 लाख से 9 लाख रुपये
बिक्री मूल्य (लड़कियों के लिए) 3 लाख से 4 लाख रुपये
बरामद राशि 20,000 रुपये टोकन मनी और 2.92 लाख नकद

पुलिस उपायुक्त (केंद्रीय) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि गिरोह गरीब परिवारों से सस्ते में बच्चे खरीदकर निःसंतान दंपत्तियों को मोटी रकम में बेचता था। बचाए गए बच्चों की उम्र कुछ दिनों से लेकर चार महीने तक है, जिनमें चार आदिवासी बच्चे भी शामिल हैं। फिलहाल सभी बच्चों को Child Welfare Committee को सौंप दिया गया है और पुलिस उनके असली माता-पिता की तलाश कर रही है।