Delhi: दिल्ली के होलंबी खुर्द की मेट्रो विहार कॉलोनी में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया. यहां एक पुराने और जर्जर सार्वजनिक शौचालय का पिलर अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 7 साल की मासूम तान्या की मौत हो गई. तान्या त
Delhi: दिल्ली के होलंबी खुर्द की मेट्रो विहार कॉलोनी में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया. यहां एक पुराने और जर्जर सार्वजनिक शौचालय का पिलर अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से 7 साल की मासूम तान्या की मौत हो गई. तान्या तीसरी कक्षा की छात्रा थी और हादसे के वक्त वह वहां खेल रही थी.
कैसे हुआ यह हादसा और क्या है पूरा मामला
यह घटना 6 जून 2026 की शाम को हुई. बताया जा रहा है कि सार्वजनिक शौचालय के सेफ्टी टैंक पर बना एक गैस वेस्ट पाइप वाला पिलर अचानक ढह गया. कुछ लोगों का कहना है कि बच्चे अक्सर इस जर्जर खंभे का इस्तेमाल झूले की तरह करते थे. हादसे के तुरंत बाद परिजन और पड़ोसी बच्ची को अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
MCD की लापरवाही और लोगों का गुस्सा
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दिल्ली नगर निगम (MCD) के खिलाफ भारी नाराजगी है. लोगों का आरोप है कि यह शौचालय लंबे समय से बंद और खराब हालत में था, लेकिन प्रशासन ने इसकी मरम्मत नहीं कराई. निवासियों ने पहले भी जर्जर ढांचे और खुले सीवर होल की शिकायतें की थीं, जिन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. एनआईए थाना पुलिस ने अब इस मामले में लापरवाही का आपराधिक केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
कोर्ट के आदेश और पुराने हादसे
गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में ही सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव के लिए सख्त निर्देश दिए थे और MCD को हर शौचालय के लिए एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने को कहा था. इसके बावजूद ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं. इससे पहले मई 2026 में मुकुंदपुर और अक्टूबर 2024 में मुस्तफाबाद इलाके में भी खुले नाले में गिरने से बच्चों की जान जा चुकी है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
होलंबी खुर्द हादसे में बच्ची की मौत कैसे हुई?
मेट्रो विहार कॉलोनी में एक पुराने सार्वजनिक शौचालय का पिलर अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीसरी कक्षा की छात्रा तान्या की जान चली गई.
इस हादसे के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है?
स्थानीय लोगों ने MCD की प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि शौचालय लंबे समय से जर्जर था और शिकायतों के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं की गई थी.