Delhi में हिट एंड रन केस: बेटे को खोने के बाद इंसाफ मांग रहे माता-पिता, पुलिस जांच पर उठाए सवाल
Delhi: दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में राजोकरी फ्लाईओवर के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को उजाड़ दिया। 34 साल के इवेंट मैनेजर Sarthak Mattoo की मौत के बाद उनके माता-पिता अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहे ह
Delhi: दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में राजोकरी फ्लाईओवर के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार को उजाड़ दिया। 34 साल के इवेंट मैनेजर Sarthak Mattoo की मौत के बाद उनके माता-पिता अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से जांच हो रही है, उससे उन्हें इंसाफ मिलने की उम्मीद कम दिख रही है।
घटना 25 जून 2026 की सुबह करीब 6:30 बजे की है। Sarthak अपनी मोटरसाइकिल से नोएडा ऑफिस जा रहे थे, तभी पीछे से एक Mahindra Thar ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि Sarthak और उनकी बाइक फ्लाईओवर से नीचे गिर गए। हादसे के बाद Thar में सवार लोग उन्हें तड़पता छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने इस मामले में गाजीपुर, UP के रहने वाले सॉफ्टवेयर टेस्टर Apurv Singh को गिरफ्तार किया था, लेकिन वह बाद में जमानत पर बाहर आ गया। गाड़ी का लीज होल्डर Sagar Saha भी पूछताछ के बाद छूट गया। Sarthak के माता-पिता, Anuradha और Surender Mattoo ने एक भावुक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta से मदद मांगी है।
परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि आरोपी के खून के नमूने लेने में 50 घंटे की देरी की गई, जिससे शराब की जांच का नतीजा प्रभावित हो सकता है। माता-पिता का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें पुलिस से कोई सही अपडेट नहीं मिल रहा है।
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को गलत बताया है। दक्षिण-पश्चिम जिले के DCP Amit Goel ने कहा कि आरोपी को पकड़ने के बाद तुरंत सफदरजंग अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई थी। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी के रूट की मैपिंग के जरिए आरोपी को एक दिन के भीतर ही पकड़ लिया गया था और कोर्ट के आदेश के बाद उसे जमानत मिली। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106 के तहत दर्ज किया गया है।