Delhi: राजधानी में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही बिजली की खपत तेजी से बढ़ गई है। बुधवार दोपहर 3:35 बजे दिल्ली में बिजली की डिमांड 8,039 MW तक पहुंच गई, जो साल 2026 का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। State Load Dispatch Cent
Delhi: राजधानी में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही बिजली की खपत तेजी से बढ़ गई है। बुधवार दोपहर 3:35 बजे दिल्ली में बिजली की डिमांड 8,039 MW तक पहुंच गई, जो साल 2026 का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। State Load Dispatch Centre (SLDC) के आंकड़ों के मुताबिक, गर्मी जल्दी शुरू होने की वजह से लोग AC और कूलर का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं, जिससे ग्रिड पर दबाव बढ़ा है।
बिजली की डिमांड में कितनी बढ़ोतरी हुई और क्या है अनुमान
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह लोड 9,000 MW को भी पार कर सकता है। दिल्ली सरकार ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर यही रफ्तार रही तो 2030 तक डिमांड 11,500 से 12,000 MW और 2040 तक यह 19,000 से 20,000 MW तक जा सकती है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट में भी बताया गया कि पिछले साल पीक डिमांड 8,442 MW तक पहुंची थी।
बिजली संकट से निपटने के लिए सरकार का क्या प्लान है
बढ़ती मांग को देखते हुए दिल्ली सरकार, Delhi Transco Limited (DTL) और DISCOMs ने मिलकर तैयारी की है। सरकार अगले तीन सालों में बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए करीब 17,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस पैसे का इस्तेमाल ट्रांसमिशन लाइनों को सुधारने, नए ग्रिड सब-स्टेशन बनाने और वितरण नेटवर्क को बेहतर करने में किया जाएगा ताकि लोगों को बिना किसी रुकावट के बिजली मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में अब तक की सबसे ज्यादा बिजली डिमांड कितनी रही?
बुधवार दोपहर 3:35 बजे दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8,039 MW दर्ज की गई, जो साल 2026 का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।
बिजली सप्लाई सुधारने के लिए सरकार कितना पैसा खर्च करेगी?
दिल्ली सरकार अगले तीन वर्षों में बिजली क्षेत्र को बेहतर बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगभग 17,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है।