Delhi में लू से ज्यादा खतरनाक हुई उमस, तापमान 42 डिग्री से कम रहा फिर भी महसूस हुई 53.5°C की तपिश
Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए गर्मी अब एक नई और खतरनाक शक्ल ले चुकी है। मंगलवार को शहर में तापमान भले ही 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, लेकिन हवा में मौजूद भारी नमी यानी उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। शाम के
Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए गर्मी अब एक नई और खतरनाक शक्ल ले चुकी है। मंगलवार को शहर में तापमान भले ही 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा, लेकिन हवा में मौजूद भारी नमी यानी उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। शाम के समय महसूस किया जाने वाला तापमान यानी हीट इंडेक्स 53.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिससे लोगों को ऐसा महसूस हुआ जैसे आसमान से आग बरस रही हो।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साफ किया है कि तकनीकी रूप से दिल्ली में लू या हीटवेव की स्थिति नहीं बनी। नियम के मुताबिक हीटवेव घोषित करने के लिए हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कम से कम दो स्टेशनों पर खास तापमान का होना जरूरी है। मंगलवार को सफदरजंग में तापमान 40.5°C, पालम में 41.0°C, लोधी रोड पर 40.1°C और रिज इलाके में 41.5°C दर्ज किया गया। लेकिन 48% से 65% तक की भारी उमस ने इस गर्मी को और ज्यादा जानलेवा बना दिया।
Skymet Weather के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि पाकिस्तान से आने वाली सूखी हवाएं और अरब सागर से आने वाली नम हवाएं जब आपस में मिलती हैं, तो बादल तो बनते हैं पर बारिश नहीं हो पाती। इसी वजह से तापमान और उमस दोनों बढ़ जाते हैं। Climate Central की वैज्ञानिक कैटलिन ट्रूडो के मुताबिक यह खतरनाक उमस अब आम बात होती जा रही है, जो इंसान के शरीर सहने की क्षमता से बाहर है। स्टैनफोर्ड चिल्ड्रेन्स हेल्थ की डॉ. लिसा पटेल ने इसे एक बड़ी चेतावनी बताया है क्योंकि 1970 के मुकाबले यह खतरा अब दोगुना हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी उमस लू से भी ज्यादा खतरनाक होती है क्योंकि यह पसीने को सूखने नहीं देती, जिससे शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। इससे हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और दिल व सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पहले यह समस्या सिर्फ मुंबई या चेन्नई जैसे तटीय शहरों में दिखती थी, लेकिन अब दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भी मानसून से पहले और बाद में ऐसी स्थिति बन रही है।
Climate Central की रिपोर्ट बताती है कि 1970 के बाद दुनिया के 69% शहरों में उमस भरे दिनों की संख्या बढ़ी है। दिल्ली में मानसून आने में देरी हुई है और इसके 4 से 8 जुलाई के बीच पहुंचने की उम्मीद है। वहीं IMD ने जुलाई में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है, जिससे सूखे की आशंका बढ़ गई है। इसका मुख्य कारण अल-नीनो की स्थिति और कम दबाव वाले सिस्टम की कमी बताया गया है।