Delhi: कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को मौत की सजा देने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई टल गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मलिक की सजा को बढ़ाकर फांसी की सजा करने के लिए याचिका दायर की थी। अदा
Delhi: कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को मौत की सजा देने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई टल गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मलिक की सजा को बढ़ाकर फांसी की सजा करने के लिए याचिका दायर की थी। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 के लिए तय की है।
NIA ने क्यों की मौत की सजा की मांग?
NIA ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें यासीन मलिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। NIA का तर्क है कि यह मामला दुर्लभतम से दुर्लभतम श्रेणी में आता है, इसलिए मलिक को मौत की सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही एजेंसी ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इस मामले की सुनवाई बंद कमरे (इन-कैमरा) में करने की मांग की है, जिस पर अदालत विचार कर रही है।
सुनवाई टलने की वजह और मलिक की प्रतिक्रिया
22 अप्रैल 2026 को होने वाली सुनवाई इसलिए टली क्योंकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सबरीमाला मामले में व्यस्त थे। वहीं, तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े यासीन मलिक ने इस देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अपील प्रक्रिया में हो रहे लंबे विलंब को मनोवैज्ञानिक यातना बताया। मलिक ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि 1990 के बाद केंद्र की छह सरकारों ने कश्मीर मुद्दे पर उनसे बात की थी।
मामले की अब तक की टाइमलाइन
| तारीख |
घटनाक्रम |
| 28 जनवरी 2026 |
कोर्ट ने NIA को जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्ते का समय दिया |
| 22 अप्रैल 2026 |
सुनवाई टल गई |
| 21 जुलाई 2026 |
अगली सुनवाई की निर्धारित तारीख |