Delhi Metro में चुनाव के दौरान राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक जारी रहेगी, हाईकोर्ट ने खारिज की चुनौती
Delhi: दिल्ली मेट्रो की ट्रेनों और स्टेशनों पर चुनाव के समय राजनीतिक विज्ञापन नहीं दिखेंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए इस प्रतिबंध को सही ठहराया है और इसे चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अब
Delhi: दिल्ली मेट्रो की ट्रेनों और स्टेशनों पर चुनाव के समय राजनीतिक विज्ञापन नहीं दिखेंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग द्वारा लगाए गए इस प्रतिबंध को सही ठहराया है और इसे चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अब मॉडल आचार संहिता लागू होने पर मेट्रो में किसी भी राजनीतिक पार्टी का प्रचार नहीं हो सकेगा।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने निर्देश दिए थे कि मॉडल आचार संहिता के दौरान दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) राजनीतिक विज्ञापनों को अनुमति न दे। चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा करना इसलिए जरूरी है ताकि चुनाव में सभी राजनीतिक दलों को बराबरी का मौका मिले और निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें।
इस फैसले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना एक बड़ा सार्वजनिक हित है। कोर्ट ने साफ किया कि विज्ञापन एजेंसियों के व्यावसायिक फायदे, निष्पक्ष चुनाव जैसे बड़े मुद्दे से ऊपर नहीं हो सकते। कोर्ट ने यह भी बताया कि यह पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं है, क्योंकि गैर-राजनीतिक विज्ञापन अभी भी मेट्रो में लगाए जा सकते हैं।
इससे पहले कुछ विज्ञापन एजेंसियों ने इस नियम को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और यह फैसला भेदभावपूर्ण है। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को नहीं माना। DMRC ने भी चुनाव आयोग के इस रुख का समर्थन किया और कहा कि वह आयोग के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य है।