Delhi HC का बड़ा फैसला, Yogasana Bharat की मान्यता रद्द, अब नए सिरे से होगा नेशनल फेडरेशन का चुनाव
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने योगासना भारत (Yogasana Bharat) को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के रूप में मिली मान्यता को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने खेल मंत्रालय को आदेश दिया है कि वह अब नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू करे। इस फैसले
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने योगासना भारत (Yogasana Bharat) को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के रूप में मिली मान्यता को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने खेल मंत्रालय को आदेश दिया है कि वह अब नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू करे। इस फैसले के बाद अब योग और योगासना के लिए नेशनल फेडरेशन चुनने के लिए फिर से आवेदन मांगे जाएंगे।
जस्टिस पुरुषिंद्र कुमार कौरव ने अपने फैसले में कहा कि खेल मंत्रालय ने योगासना भारत को मान्यता देते समय अपने ही नियमों की अनदेखी की। कोर्ट ने पाया कि यह संस्था नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट कोड ऑफ इंडिया 2011 की बुनियादी शर्तों को पूरा नहीं करती थी। मंत्रालय ने स्वतंत्र रूप से जांच करने के बजाय आयुष मंत्रालय की सिफारिश पर भरोसा किया, जिसे कोर्ट ने जिम्मेदारी से पीछे हटना बताया।
कोर्ट ने उन कमियों को उजागर किया जिनकी वजह से यह मान्यता रद्द की गई है। योगासना भारत का रजिस्ट्रेशन अगस्त 2020 में हुआ था और उसके महज तीन महीने बाद ही उसे मान्यता दे दी गई, जबकि नियमों के मुताबिक किसी भी संस्था का कम से कम तीन साल का सक्रिय अनुभव होना जरूरी है। इसके अलावा, यह संस्था दो-तिहाई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी इकाइयां बनाने और पिछले तीन सालों से लगातार नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करने की शर्त को भी पूरा नहीं कर पाई थी।
हाई कोर्ट ने खेल मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह 9 जुलाई 2026 से 60 दिनों के भीतर एक पब्लिक नोटिस जारी करे। इस नोटिस के जरिए सभी योग्य संस्थाओं से आवेदन मांगे जाएंगे। कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया (Yoga Federation of India) को अपने आप मान्यता नहीं मिलेगी। सभी आवेदकों पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से विचार किया जाएगा।
इस फैसले में 27 नवंबर 2020 को दी गई शुरुआती मान्यता, 19 अक्टूबर 2021 के आदेश और साल 2022 से 2025 तक के वार्षिक रिन्यूअल को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।