Delhi High Court का बड़ा फैसला, दिल्ली पुलिस कमिश्नर को NCSC के सामने पेश होने से मिली राहत

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले में नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कास्ट्स (NCSC) की सिफारिशों को रद्द कर दिया है। यह मामला दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (रेडियो टेक्नीशियन) की भर्ती के दौरान जाति आधारित भेदभाव क

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले में नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कास्ट्स (NCSC) की सिफारिशों को रद्द कर दिया है। यह मामला दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (रेडियो टेक्नीशियन) की भर्ती के दौरान जाति आधारित भेदभाव के आरोपों से जुड़ा था। कोर्ट ने यह फैसला तब सुनाया जब शिकायत करने वाले व्यक्ति ने खुद कमीशन के सामने अपनी शिकायत वापस लेने का भरोसा दिया।

इस मामले में दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने NCSC द्वारा 12 फरवरी और 15 मई 2026 को जारी किए गए मिनट्स और सिफारिशों को चुनौती दी थी। जस्टिस संजीव नरूला ने आदेश दिया कि अगली सुनवाई में NCSC इस शिकायत की कार्यवाही को बंद करने के लिए जरूरी आदेश जारी करे। कोर्ट ने यह कदम शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल किए गए एक हलफनामे के आधार पर उठाया है।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील आशीष के दीक्षित ने दलील दी कि यह मामला सर्विस विवाद से जुड़ा है और संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत यह NCSC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने यह भी बताया कि भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शिकायतकर्ता की बहन, जो उसी SC कैटेगरी से हैं, उन्होंने परीक्षा पास कर ली है, जिससे भेदभाव के दावे गलत साबित होते हैं।

वहीं शिकायतकर्ता की वकील ईशा मजूमदार ने कोर्ट को बताया कि उनका क्लाइंट अब इस मामले को सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में ले जाना चाहता है और NCSC की शिकायत वापस ले रहा है। इसी आधार पर कोर्ट ने माना कि अब इस याचिका का कोई आधार नहीं बचा है और कार्यवाही को समाप्त करने का निर्देश दिया।