Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारी का कार्यकाल खत्म होने के बाद उसे नौकरी पर बने रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता। यह मामला दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) के ए
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारी का कार्यकाल खत्म होने के बाद उसे नौकरी पर बने रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता। यह मामला दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) के एक कर्मचारी से जुड़ा था, जिसकी सेवा समाप्त कर दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि जब कॉन्ट्रैक्ट का समय पूरा हो जाता है, तो वह अपने आप खत्म हो जाता है।
कोर्ट ने कार्यकाल खत्म होने पर क्या कहा?
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस अपील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट की अवधि खत्म होने के साथ ही कर्मचारी का रिश्ता संस्थान से खत्म हो जाता है। कर्मचारी यह दावा नहीं कर सकता कि उसे नौकरी में बने रहने का अधिकार है। कोर्ट ने उस दलील को भी नहीं माना जिसमें कहा गया था कि बार-बार कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने से कर्मचारी को उम्मीद हो गई थी कि वह नौकरी में बना रहेगा।
DERC कर्मचारी के मामले में क्या हुआ था?
मामला एक Executive Assistant का था, जिसका कार्यकाल कई बार बढ़ाया गया था। आखिरी विस्तार 5 अप्रैल 2024 को खत्म हुआ था। हालांकि, 31 जुलाई 2023 को एक ऑफिस ऑर्डर जारी हुआ था जिसमें 2027 तक विस्तार की बात थी, लेकिन बाद में DERC ने उसे बदल दिया। कर्मचारी ने इसे गलत बताया था, लेकिन कोर्ट ने कहा कि बिना कारण विस्तार वापस लेना मनमाना नहीं है।
DERC में नियुक्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
इस मामले के अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने भी DERC में नियमित चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति में देरी पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि आयोग अभी केवल दो अस्थायी (pro-tem) सदस्यों के भरोसे चल रहा है और वहां कोई न्यायिक सदस्य नहीं है। कोर्ट के मुताबिक, यह कानून के खिलाफ है और इससे आयोग के कामकाज और उसकी आजादी पर असर पड़ता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को कार्यकाल खत्म होने के बाद नौकरी का हक मिलता है?
नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट के मुताबिक कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने (efflux of time) के बाद कर्मचारी का नौकरी पर बने रहने का कोई निहित अधिकार नहीं होता है।
DERC में नियुक्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर कहा है कि DERC में नियमित चेयरमैन और न्यायिक सदस्य की कमी कानून के विपरीत है, जिससे आयोग के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं।