Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर Varun Dhawan को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों (personality rights) के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अब कोई भी वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उनकी इजाजत के
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर Varun Dhawan को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों (personality rights) के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अब कोई भी वेबसाइट या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उनकी इजाजत के बिना उनके नाम, फोटो, आवाज या चेहरे का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। यह फैसला खासतौर पर AI और डीपफेक जैसी तकनीकों से होने वाले गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए लिया गया है।
AI और डीपफेक के इस्तेमाल पर क्या रोक लगी है?
जस्टिस ज्योति सिंह ने आदेश दिया है कि Varun Dhawan की पहचान से जुड़ी किसी भी चीज को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जेनेरेटिव AI, मशीन लर्निंग और फेस-मर्फिंग टूल्स के जरिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने साफ किया है कि एक्टर की छवि को खराब करने वाला, अभद्र या गलत तरीके से बनाया गया कोई भी कंटेंट शेयर नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, उनके नाम या ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर फर्जी सामान (merchandise) बेचने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को क्या निर्देश दिए गए हैं?
कोर्ट ने YouTube, Meta और X (ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया है कि वे विवादित लिंक और अकाउंट्स की जानकारी दें। अगर Varun Dhawan किसी नए गलत लिंक या वीडियो की शिकायत करते हैं, तो प्लेटफॉर्म्स को उसे 36 घंटे के भीतर हटाना होगा। कोर्ट ने पहले से पहचाने गए कई यूआरएल (URLs) को भी हटाने का निर्देश दिया है ताकि एक्टर की पब्लिक इमेज को नुकसान न पहुंचे।
भारत में सेलिब्रिटी अधिकारों को लेकर बढ़ता ट्रेंड
आजकल डिजिटल दौर में कई बड़े कलाकार अपनी पहचान बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। Varun Dhawan से पहले सलमान खान, अमिताभ बच्चन, आलिया भट्ट और विराट कोहली जैसे सितारों ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानूनी मदद ली है। सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी डीपफेक जैसी समस्याओं से निपटने के लिए एक कमेटी बना चुका है ताकि आम लोगों और मशहूर हस्तियों को तकनीकी धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने Varun Dhawan को क्या सुरक्षा दी है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर के नाम, फोटो, आवाज और चेहरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाई है। अब कोई भी व्यक्ति AI या डीपफेक तकनीक से उनका फर्जी कंटेंट नहीं बना सकेगा और न ही उनके नाम से सामान बेच सकेगा।
सोशल मीडिया कंपनियों के लिए क्या नियम तय किए गए हैं?
YouTube, Meta और X को निर्देश दिया गया है कि वे उल्लंघन करने वाले अकाउंट्स की जानकारी दें और शिकायत मिलने के 36 घंटे के भीतर गलत कंटेंट या लिंक को प्लेटफॉर्म से हटा दें।