Delhi दंगों की बड़ी साजिश का मामला, हाई कोर्ट ने खारिज की अथर खान की जमानत याचिका
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी अथर खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। इससे पहले 29 जनवरी को ट्रा
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने साल 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी अथर खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। इससे पहले 29 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने भी अथर खान को जमानत देने से मना कर दिया था, जिसे हाई कोर्ट ने अब बरकरार रखा है।
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि मामले में अथर खान की भूमिका पहली नजर में साबित होती दिख रही है। कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि अगर उसे जमानत मिलती है, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है या देश छोड़कर भाग सकता है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि व्हाट्सएप चैट से यह संकेत मिलता है कि साजिश रची गई थी और अथर खान इसमें सक्रिय था।
दिल्ली पुलिस की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने दलील दी कि अथर खान की भूमिका उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे आरोपियों के समान थी। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप चैट के जरिए हिंसा को बढ़ावा दिया गया था। वहीं, अथर खान के वकील अर्जुन देवर ने तर्क दिया कि व्हाट्सएप पर हुई बातें केवल शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की योजना थी और उनके पास कोई बड़ा फैसला लेने का अधिकार नहीं था। उन्होंने अन्य आरोपियों, जैसे शादाब अहमद और गुलफिशा फातिमा के साथ समानता के आधार पर जमानत की मांग की थी।
इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मधुकर पांडे ने कहा कि सितंबर 2025 में खारिज हुई पिछली जमानत याचिका अब अंतिम हो चुकी है। कोर्ट ने UAPA कानून की धारा 43D का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार किया। वहीं, एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) के नदीम खान ने बताया कि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
बता दें कि इसी मामले में सह-आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की नई जमानत याचिकाओं पर भी दिल्ली की एक अदालत ने सुनवाई की है और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।