Delhi: रिश्वत मामले में MCD जूनियर इंजीनियर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- जांच से बच रहा है आरोपी
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने नगर निगम (MCD) के एक जूनियर इंजीनियर नवदीप खत्री की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और फरार चल रहा
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने नगर निगम (MCD) के एक जूनियर इंजीनियर नवदीप खत्री की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस सौरभ बनर्जी ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और फरार चल रहा है। यह मामला सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज की गई एक रिश्वतखोरी की एफआईआर से जुड़ा है।
पूरा मामला एक निजी ठेकेदार अजीज अहमद की शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायत के मुताबिक, नवदीप खत्री ने अपनी निर्माणाधीन इमारत को ढहाने से बचाने के बदले रिश्वत मांगी थी। सीबीआई ने इस मामले में 5 मई 2026 को एक जाल बिछाया था, जिसमें लोकेश और लोवेश नाम के दो लोगों को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। लोकेश को नवदीप खत्री का मददगार बताया गया है।
अदालत ने पाया कि नवदीप खत्री 5 मई 2026 को अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद से ही फरार है। एमसीडी ने सीबीआई को बताया था कि जब अधिकारी खत्री के घर नोटिस देने पहुंचे, तो घर ताला लगा हुआ मिला और नोटिस अंदर छोड़ना पड़ा। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि खत्री के खिलाफ दो गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं और उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।
नवदीप खत्री के खिलाफ यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेने पर 3 से 7 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।