Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक सख्त फैसला सुनाते हुए उन नौ लोगों की याचिका खारिज कर दी है, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घर के बाहर पुतला जलाया था। कोर्ट ने साफ कहा कि लोकतंत्र में विरोध के नाम पर हिंसा को बर्दा
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने एक सख्त फैसला सुनाते हुए उन नौ लोगों की याचिका खारिज कर दी है, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घर के बाहर पुतला जलाया था। कोर्ट ने साफ कहा कि लोकतंत्र में विरोध के नाम पर हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मामला जून 2022 का है जब अग्निवीर योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था।
क्या था पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा?
21 जून 2022 को मोतीलाल नेहरू मार्ग पर स्थित जेपी नड्डा के सरकारी बंगले के बाहर कुछ छात्रों ने पुतला जलाया था। इन लोगों ने कोर्ट से केस से बरी होने की मांग की थी, लेकिन जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ‘शूट एंड स्कूट’ (मारो और भागो) वाली हरकतें विरोध प्रदर्शन नहीं कहलाती हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि भले ही किसी को चोट न लगी हो, लेकिन ऐसी खतरनाक हरकतें हत्या के प्रयास (धारा 307 IPC) के दायरे में आती हैं।
आरोपियों पर क्या कार्रवाई हुई और कितना जुर्माना लगा?
कोर्ट ने इस याचिका को ‘फ्रीवोलस’ यानी तुच्छ माना और याचिकाकर्ताओं पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम ‘भारत के वीर’ फंड में जमा होगी, जो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शहीद जवानों के परिवारों की मदद के लिए बनाया गया है। आरोपियों पर हत्या के प्रयास, आगजनी (धारा 436 IPC), दंगा करने और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। अब आरोपी इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने की योजना बना रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह विरोध प्रदर्शन किस बात को लेकर किया गया था?
यह प्रदर्शन जून 2022 में केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना के विरोध में किया गया था, जिसमें छात्रों ने जेपी नड्डा के घर के बाहर पुतला जलाया था।
कोर्ट ने जुर्माना राशि किस फंड में जमा करने को कहा है?
कोर्ट ने 25,000 रुपये का जुर्माना ‘भारत के वीर’ फंड में जमा करने का आदेश दिया है, जो गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक स्वैच्छिक दान कोष है।