Delhi में शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी पर High Court सख्त, ECI से मांगा जवाब और हलफनामा
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) के उस फैसले पर सवाल उठाए हैं जिसमें स्कूल शिक्षकों को वोटर लिस्ट के सुधार कार्य (SIR) के लिए बीएलओ (BLO) ड्यूटी पर लगाया गया है। कोर्ट ने आयोग से पूछा है कि किस अधिकार के तहत श
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) के उस फैसले पर सवाल उठाए हैं जिसमें स्कूल शिक्षकों को वोटर लिस्ट के सुधार कार्य (SIR) के लिए बीएलओ (BLO) ड्यूटी पर लगाया गया है। कोर्ट ने आयोग से पूछा है कि किस अधिकार के तहत शिक्षकों को चुनाव के काम के लिए मजबूर किया जा रहा है। जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने इस मामले में चुनाव आयोग से हलफनामा मांगा है।
यह पूरा मामला एक जनहित याचिका (PIL) से शुरू हुआ जो 22 जुलाई 2026 को कोर्ट में दाखिल की गई थी। याचिका में कहा गया कि शिक्षकों की इस तरह की तैनाती से शिक्षा के अधिकार (RTE Act) का उल्लंघन हो रहा है और छात्रों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह भी पूछा कि क्या वह संविधान के आर्टिकल 324 का सहारा लेकर अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकता है।
चुनाव आयोग की तरफ से वकील संजय वशिष्ठ ने दलील दी कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 13B(2) के तहत उनके पास स्टाफ लगाने का अधिकार है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि दिल्ली में यह काम लगभग पूरा हो चुका है और केवल 10 से 14 प्रतिशत शिक्षक ही इस ड्यूटी में लगे हैं। हालांकि, कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई कि आयोग इन्हें ‘वॉलंटियर’ कह रहा है, जबकि शिक्षकों के पास ड्यूटी स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
इस बीच, शिक्षकों की इस ड्यूटी से जुड़ी दुखद खबरें भी सामने आईं, जिसमें एक शिक्षक की मौत और एक अन्य द्वारा आत्महत्या की कोशिश की बात कही गई। इसके बाद दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि शिक्षकों को स्कूल से पूरी तरह अलग न किया जाए और यह काम छुट्टियों या स्कूल के बाद के समय में किया जाए। सरकारी स्कूल शिक्षक संघ (GSTA) ने भी चिंता जताई कि इससे लाखों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
चुनाव कार्य का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:
| तारीख/अवधि | कार्य |
|---|---|
| 30 जून से 29 जुलाई 2026 | घर-घर जाकर वोटर वेरिफिकेशन और सर्वे |
| 5 अगस्त 2026 | ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन |
| 4 सितंबर 2026 तक | दावे और आपत्तियां दर्ज कराना |
| 3 अक्टूबर 2026 | फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन |
| 7 अक्टूबर 2026 | चुनाव संबंधी असाइनमेंट का समापन |
कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 को तय की है।