Delhi में PM आवास के पास से हटाए जा रहे झुग्गी वालों को 24 हजार फ्लैट क्यों नहीं दिए, High Court ने सरकार से पूछा
Delhi: प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित झुग्गी बस्तियों से हटाए जा रहे लोगों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने जानना चाहा है कि जब 2024 में पुनर्वास के लिए 24 हजार से ज्यादा
Delhi: प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित झुग्गी बस्तियों से हटाए जा रहे लोगों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कड़े सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने जानना चाहा है कि जब 2024 में पुनर्वास के लिए 24 हजार से ज्यादा फ्लैट बनाए गए थे, तो उन्हें इन बेघर होने वाले लोगों को क्यों नहीं दिया गया। फिलहाल इन लोगों को उनके घर से करीब 45 किलोमीटर दूर सावदा घेवरा भेजा जा रहा है।
मामला भाई राम कैंप, DID कैंप और मस्जिद कैंप के निवासियों से जुड़ा है। लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने अक्टूबर 2025 में इन बस्तियों को खाली करने का नोटिस दिया था और फरवरी 2026 में अंतिम नोटिस जारी कर 6 मार्च तक जगह खाली करने को कहा था। सरकार का कहना है कि ये इलाके प्रधानमंत्री आवास और एयरफोर्स स्टेशन के पास हैं, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इन्हें खाली कराना जरूरी है। कोर्ट ने भी सुरक्षा कारणों को माना है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत लोगों के रहने और आजीविका का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए।
कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को सुनवाई के दौरान पाया कि 24,284 फ्लैट खाली पड़े हैं, जबकि प्रभावित परिवारों को बहुत दूर शिफ्ट किया जा रहा है। इससे पहले जून 2026 में कोर्ट ने आदेश दिया था कि पुनर्वास को सम्मानजनक बनाया जाए। इसके तहत प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को एक साल तक दिल्ली मेट्रो का मुफ्त सफर, बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला और पुनर्वास स्थल पर बिजली-पानी के लिए 24 घंटे कैंप ऑफिस खोलने का निर्देश दिया गया था।
सरकार और DUSIB ने कोर्ट में दलील दी कि इन बस्तियों के पास कोई दूसरी जगह खाली नहीं है, इसलिए मौके पर पुनर्वास संभव नहीं है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी 717 परिवारों को रहने के लिए उचित घर और जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। फिलहाल यह मामला कोर्ट में है और सरकार को इन खाली पड़े हजारों फ्लैट्स पर जवाब देना है।