Delhi: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। Delhi High Court ने साफ़ कर दिया है कि प्राइवेट अनएडेड स्कूलों को नए सेशन की शुरुआत में फीस बढ़ाने के लिए शिक्षा निदेशालय (DoE) से पहले मंजूरी लेने
Delhi: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। Delhi High Court ने साफ़ कर दिया है कि प्राइवेट अनएडेड स्कूलों को नए सेशन की शुरुआत में फीस बढ़ाने के लिए शिक्षा निदेशालय (DoE) से पहले मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। जस्टिस अनुप जे भाम्भानी ने शुक्रवार, 22 मई 2026 को यह फैसला सुनाते हुए DoE के कई पुराने सर्कुलर को रद्द कर दिया।
फीस बढ़ाने के नियम और कोर्ट का फैसला क्या है?
कोर्ट ने कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 17(3) के तहत प्राइवेट स्कूलों को सेशन शुरू होने से पहले सिर्फ प्रस्तावित फीस का ब्यौरा DoE को देना होता है। उन्हें पहले अनुमति मांगने की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर कोई स्कूल सेशन के बीच में फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसके लिए DoE की मंजूरी जरूरी होगी। कोर्ट ने यह भी साफ़ किया कि स्कूल किसी भी पुराने सेशन का बकाया पैसा (Arrears) नहीं मांग सकते।
अभिभावकों और स्कूलों पर क्या होगा असर?
अदालत ने निर्देश दिया कि स्कूलों द्वारा प्रस्तावित फीस वृद्धि अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले सेशन से लागू होगी। जस्टिस भाम्भानी ने DoE की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग ने अपनी अथॉरिटी से बाहर जाकर काम किया, जिसकी वजह से माता-पिता और स्कूल दोनों मुश्किल स्थिति में फंस गए। कोर्ट ने साफ किया कि स्कूल शिक्षा का व्यवसायीकरण नहीं कर सकते और न ही मुनाफ़ाखोरी कर सकते हैं।
फीस रेगुलेशन के लिए क्या है नया सिस्टम?
दिसंबर 2025 में ‘दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) एक्ट, 2025’ अधिसूचित किया गया था। इसके तहत स्कूलों में एक तीन-स्तरीय रेगुलेटरी ढांचा तैयार करने की बात कही गई है। इसमें स्कूल स्तर पर एक कमेटी बनेगी जिसमें अभिभावकों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो फीस वृद्धि पर अपनी सहमति देंगे। हालांकि, मार्च 2026 में कोर्ट ने इस कमेटी के लागू होने की समयसीमा को अव्यवहारिक बताते हुए फिलहाल टाल दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या प्राइवेट स्कूल अब अपनी मर्जी से फीस बढ़ा सकते हैं?
High Court के अनुसार, अनएडेड प्राइवेट स्कूल सेशन की शुरुआत में फीस बढ़ा सकते हैं और उन्हें DoE से पहले मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है, बस फीस का ब्यौरा देना होगा। लेकिन वे मुनाफाखोरी नहीं कर सकते।
क्या स्कूल पुराने समय की बकाया फीस (Arrears) मांग सकते हैं?
नहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर मना किया है कि स्कूल पिछले किसी भी एकेडमिक सेशन के लिए रेट्रोस्पेक्टिव बकाया राशि की मांग नहीं कर सकते।