Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों और अभिभावकों से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि बिना सरकारी मदद पाने वाले मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल नए सेशन की शुरुआत में सरकार की अनुमति के बिन
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों और अभिभावकों से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि बिना सरकारी मदद पाने वाले मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल नए सेशन की शुरुआत में सरकार की अनुमति के बिना भी फीस बढ़ा सकते हैं। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की बेंच ने यह फैसला शुक्रवार, 22 मई 2026 को सुनाया।
फीस बढ़ाने के लिए क्या हैं नए नियम?
कोर्ट के आदेश के मुताबिक, निजी स्कूलों को नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में फीस बढ़ाने के लिए शिक्षा निदेशालय (DoE) से पहले अनुमति लेने की कानूनी जरूरत नहीं है। हालांकि, स्कूलों को यह करना होगा कि वे सत्र शुरू होने से पहले प्रस्तावित फीस का पूरा ब्यौरा DoE को जमा करें। अगर कोई स्कूल चालू सत्र के बीच में फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे सरकार से पहले मंजूरी लेनी होगी।
अभिभावकों और स्कूलों पर क्या होगा असर?
अदालत ने साफ किया है कि यह फीस वृद्धि अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले सेशन से लागू होगी। कोई भी स्कूल पिछले सालों की बकाया फीस या अन्य शुल्क पिछली तारीख से वसूल नहीं कर सकेगा। कोर्ट ने शिक्षा निदेशालय के उन पुराने आदेशों को रद्द कर दिया है जिनमें फीस बढ़ाने के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य थी। कोर्ट का मानना है कि DoE स्कूलों के रोजमर्रा के पैसों के कामकाज में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
कोर्ट ने DoE के बारे में क्या कहा?
हाईकोर्ट ने शिक्षा निदेशालय की आलोचना करते हुए कहा कि विभाग ने अपनी शक्ति से ज्यादा काम किया और कानूनी मिसालों को नजरअंदाज किया। इस वजह से स्कूलों और अभिभावकों दोनों को परेशानी हुई। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी स्कूल के पास ज्यादा फंड है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह शिक्षा का व्यापार कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या प्राइवेट स्कूल अब कभी भी फीस बढ़ा सकते हैं?
नहीं, नए सत्र की शुरुआत में तो बिना मंजूरी फीस बढ़ सकती है, लेकिन अगर सत्र के बीच में फीस बढ़ानी है तो शिक्षा निदेशालय (DoE) की पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा।
क्या स्कूल पुरानी बकाया फीस मांग सकते हैं?
नहीं, कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्कूल को पिछले शैक्षणिक सत्रों की बकाया फीस या अन्य शुल्क पिछली तारीख से वसूलने की अनुमति नहीं होगी।