Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। इसमें मांग की गई है कि दिल्ली और NCR के उन लोगों पर टैक्स लगाया जाए जो खेती से बहुत ज्यादा कमाई करते हैं। याचिका में सरकार से ऐसी नीतियां बनाने को कहा गया
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। इसमें मांग की गई है कि दिल्ली और NCR के उन लोगों पर टैक्स लगाया जाए जो खेती से बहुत ज्यादा कमाई करते हैं। याचिका में सरकार से ऐसी नीतियां बनाने को कहा गया है जिससे हाई-इनकम वाली कृषि आय पर टैक्स वसूला जा सके।
खेती की कमाई पर टैक्स क्यों मांगा गया है?
याचिका में कहा गया है कि खेती की कमाई को पूरी तरह टैक्स से छूट देना गलत है। इससे टैक्स भरने वालों के बीच भेदभाव होता है। एक तरफ नौकरीपेशा लोग अपनी कमाई पर टैक्स देते हैं, वहीं दूसरी तरफ खेती से मोटी कमाई करने वाले लोग टैक्स के दायरे से बाहर रहते हैं। याचिका के मुताबिक यह संविधान के अनुच्छेद 14, 38 और 265 का उल्लंघन है।
कानून और सरकार का क्या कहना है?
संविधान के अनुसार, खेती पर टैक्स लगाने का अधिकार राज्य सरकारों के पास है। इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 10(1) के तहत फिलहाल कृषि आय टैक्स फ्री है। पुराने रिकॉर्ड के मुताबिक, 2017 में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि केंद्र सरकार का कृषि आय पर टैक्स लगाने का कोई प्लान नहीं है क्योंकि यह राज्यों का मामला है। वहीं Niti Aayog ने भी पहले सुझाव दिया था कि खेती की आय के नाम पर होने वाले काले धन को रोकने के लिए कानूनी कमियों को दूर करना चाहिए।
मुख्य कानूनी बिंदु क्या हैं?
- PIL की फाइलिंग तारीख: 12 मई 2026
- मांग: हाई-इनकम कृषि आय पर टैक्स के लिए कानून बनाना
- तर्क: टैक्स छूट से वित्तीय असमानता बढ़ती है
- अधिकार: संविधान की ‘स्टेट लिस्ट’ (Entry 46) के तहत राज्य सरकारें टैक्स लगा सकती हैं
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अभी खेती की कमाई पर टैक्स देना पड़ता है?
नहीं, इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 10(1) के तहत फिलहाल कृषि आय को टैक्स से छूट मिली हुई है।
यह याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में क्यों लगाई गई?
याचिकाकर्ता का मानना है कि हाई-इनकम कृषि आय पर टैक्स न लगाना भेदभावपूर्ण है और इससे टैक्स सिस्टम में असमानता आती है।