Delhi: ‘संसद चलो’ प्रोटेस्ट की NIA जांच की मांग, हाई कोर्ट में PIL दाखिल, बड़ी साजिश का लगाया आरोप
Delhi: NEET पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की कोर्ट की निगरानी में NIA स
Delhi: NEET पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की कोर्ट की निगरानी में NIA से जांच कराई जाए। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह सिर्फ छात्रों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी साजिश थी जिसमें हिंसा को बढ़ावा दिया गया।
यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल ने अपने वकीलों स्नेह वर्धन और प्रतिभा सिन्हा के जरिए दाखिल की है। याचिका में दावा किया गया है कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा संगठित थी और इसमें कुछ राजनीतिक नेताओं की भूमिका हो सकती है। साथ ही, इसमें विदेशी फंडिंग की आशंका भी जताई गई है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज सभी FIR को किसी विशेष जांच एजेंसी को ट्रांसफर किया जाए।
बता दें कि NEET पेपर लीक के खिलाफ जंतर मंतर पर 6 जून 2026 से विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। इसी सिलसिले में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 28 जून को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसके बाद 18 जुलाई को उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। 20 जुलाई को जब ‘संसद चलो’ मार्च निकला, तो दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे न्यू दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी थी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिसमें लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया और दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई थीं। इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक को ‘घोर पाप’ बताया और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने साफ किया कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा है।
इस पूरे विवाद के कारण 21 जुलाई को लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी। वहीं, दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में हैदराबाद के छात्रों ने भी प्रदर्शन किया और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को खत्म करने की मांग की। इस मामले में केंद्र सरकार, NIA, CBI और दिल्ली पुलिस को प्रतिवादी बनाया गया है।