Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट में आम आदमी पार्टी के नेता Arvind Kejriwal, कांग्रेस नेता Digvijay Singh और यूट्यूबर Ravish Kumar के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट की कार्यवाही क
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट में आम आदमी पार्टी के नेता Arvind Kejriwal, कांग्रेस नेता Digvijay Singh और यूट्यूबर Ravish Kumar के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट की कार्यवाही की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग की गई और उसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया. इस मामले की सुनवाई 22 अप्रैल 2026 को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की बेंच करेगी.
क्यों दायर की गई यह याचिका और क्या हैं आरोप?
यह याचिका एडवोकेट वैभव सिंह ने 21 अप्रैल 2026 को दाखिल की है. याचिकाकर्ता का कहना है कि 13 अप्रैल 2026 को जब Arvind Kejriwal न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा के सामने अपनी दलीलें दे रहे थे, तब उस कार्यवाही की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की गई. आरोप है कि इसे जानबूझकर सोशल मीडिया पर डाला गया ताकि न्यायपालिका की छवि खराब हो और लोगों को गुमराह किया जा सके. यह ‘दिल्ली हाई कोर्ट (अदालतों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) नियम, 2021’ और ‘इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम, 2025’ का उल्लंघन बताया गया है.
कौन-कौन लोग इस कानूनी विवाद में फंसे हैं?
इस PIL में मुख्य तौर पर तीन बड़े नामों को प्रतिवादी बनाया गया है, लेकिन इनके अलावा कई अन्य AAP नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है. पूरी लिस्ट इस प्रकार है:
| मुख्य नाम |
अन्य AAP नेता |
| Arvind Kejriwal |
Manish Sisodia |
| Digvijay Singh |
Sanjay Singh |
| Ravish Kumar |
Sanjeev Jha |
| – |
Purandip Singh Sahni |
| – |
Jarnail Singh |
| – |
Mukesh Ahlawat और Vinay Mishra |
कोर्ट में अब आगे क्या होगा?
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इन लोगों के खिलाफ अदालत की अवमानना (Contempt of Court) की कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया से उन वीडियो को तुरंत हटाया जाए. इससे पहले न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने केजरीवाल की एक याचिका खारिज करते हुए कहा था कि अदालत धारणाओं का मंच नहीं हो सकती. वहीं, Digvijay Singh ने केजरीवाल के फैसले को हिम्मत वाला बताया था, जिस पर अब कानूनी सवाल खड़े हुए हैं.