Delhi High Court का केंद्र को निर्देश, बिहार सांसद पप्पू यादव की पूरे देश में बढ़ाई जाए सुरक्षा
Delhi/Bihar: दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को बिहार के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि पप्पू यादव एक मौजूदा सांसद हैं और उनकी सुर
Delhi/Bihar: दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को बिहार के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस मनोज जैन ने कहा कि पप्पू यादव एक मौजूदा सांसद हैं और उनकी सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह अंतरिम उपाय के तौर पर उनकी सुरक्षा बढ़ाने पर विचार करे।
पप्पू यादव ने 10 अगस्त 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। उन्होंने मांग की थी कि उनकी सुरक्षा का नए सिरे से आकलन किया जाए और उन्हें पूरे भारत में सुरक्षा कवर दिया जाए। उनका कहना है कि फिलहाल उन्हें ‘Y+’ सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन यह सिर्फ बिहार राज्य तक सीमित है। सांसद का तर्क है कि संसदीय कार्यों के लिए उन्हें देशभर में यात्रा करनी पड़ती है, ऐसे में बिहार के बाहर वह असुरक्षित हो जाते हैं।
सुरक्षा की मांग के पीछे कई गंभीर घटनाएं बताई गई हैं। 2 अगस्त 2026 को दिल्ली स्थित उनके निवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर चाकू से हमला हुआ था, जिसकी शिकायत उन्होंने दिल्ली पुलिस में की थी। इससे पहले 1 अगस्त को उन्हें जान से मारने की धमकी मिली थी और उनके सिर कलम करने के लिए 51 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। साथ ही, 29 जुलाई को उनकी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए उनके और उनके परिवार को विस्फोटकों से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से वकील आशीष दीक्षित ने कहा कि सुरक्षा के मौजूदा इंतजाम मौजूद हैं और अधिकारियों द्वारा उनके आवेदन पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। इससे पहले 14 मई 2026 को पटना हाई कोर्ट ने भी बिहार के भीतर उनकी ‘Y+’ सुरक्षा को बहाल करने का आदेश दिया था। पप्पू यादव के वकील शादन फरासत ने दलील दी कि गृह मंत्रालय द्वारा खतरे का नया आकलन न करना उनके जीवन के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।