Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने पायरेसी के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने Story TV के ओरिजिनल कंटेंट को बिना इजाजत चलाने वाली कई वेबसाइटों और टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ अंतरिम राहत दी है। जस्टिस ज्योति सिंह ने आदेश दिया
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने पायरेसी के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने Story TV के ओरिजिनल कंटेंट को बिना इजाजत चलाने वाली कई वेबसाइटों और टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ अंतरिम राहत दी है। जस्टिस ज्योति सिंह ने आदेश दिया है कि इन प्लेटफॉर्म्स से कॉपीराइट कंटेंट को तुरंत हटाया जाए।
कोर्ट ने क्या आदेश दिए हैं?
जस्टिस ज्योति सिंह ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अनधिकृत प्लेटफॉर्म Story TV के कंटेंट को होस्ट, स्ट्रीम, डिस्ट्रीब्यूट या डाउनलोड के लिए उपलब्ध नहीं कराएगा। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जिन वेबसाइटों की पहचान हुई है, उन्हें 36 घंटे के भीतर बंद किया जाए। साथ ही, डोमेन नेम रजिस्ट्रारों को इन वेबसाइटों को ब्लॉक करने और उन्हें चलाने वालों की जानकारी देने को कहा गया है।
किन प्लेटफॉर्म्स पर गिरी गाज?
यह मामला Greenhorn Wellness Private Limited द्वारा दायर किया गया था, जो Story TV प्लेटफॉर्म चलाते हैं। कोर्ट ने microtv.my.id, microtv.one और reeltv.buzz जैसी वेबसाइटों के साथ-साथ Telegram FZ-LLC को भी आदेश दिया है कि वे संबंधित चैनलों को तुरंत सस्पेंड करें। कोर्ट ने माना कि अगर इस कंटेंट को नहीं रोका गया, तो कंपनी को भारी नुकसान होगा।
पायरेसी रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए?
कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी संबंधित एजेंसियां और टेलीग्राम इस आदेश का पालन करें और अनुपालन हलफनामा (compliance affidavit) दाखिल करें। यह कार्रवाई मई 2026 के तीसरे हफ्ते में हुई चोरी की शिकायतों के बाद की गई है। अब इन डिजिटल माध्यमों पर Story TV का कंटेंट उपलब्ध कराना गैरकानूनी होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने किन वेबसाइटों को बंद करने का आदेश दिया है?
कोर्ट ने microtv.my.id, microtv.one और reeltv.buzz जैसी वेबसाइटों और संबंधित टेलीग्राम चैनलों को 36 घंटे के भीतर बंद करने का आदेश दिया है।
यह कानूनी लड़ाई किसने शुरू की थी?
यह मामला Greenhorn Wellness Private Limited द्वारा दर्ज कराया गया था, जो microdrama प्लेटफॉर्म Story TV का संचालन करते हैं।