Delhi: तेलुगु फिल्मों के मशहूर एक्टर Akkineni Naga Chaitanya को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके नाम, फोटो और आवाज का गलत इस्तेमाल करने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त आदेश जारी किया है। कोर्ट ने साफ
Delhi: तेलुगु फिल्मों के मशहूर एक्टर Akkineni Naga Chaitanya को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके नाम, फोटो और आवाज का गलत इस्तेमाल करने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त आदेश जारी किया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि इंटरनेट पर मौजूद उनके डीपफेक (Deepfake) और अश्लील कंटेंट को तुरंत हटाया जाए।
कोर्ट ने क्या आदेश दिए और समय सीमा क्या है?
जस्टिस ज्योति सिंह ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कई प्रतिवादियों को निर्देश दिया है कि वे विवादित कंटेंट को आदेश मिलने के 24 घंटे के भीतर हटा दें। कोर्ट ने माना कि Naga Chaitanya ने अपनी पर्सनालिटी राइट्स के बचाव में सही मामला पेश किया है। अगर यह गलत कंटेंट इंटरनेट पर रहता है, तो इससे उनकी इज्जत को भारी नुकसान होगा।
Deepfake और गलत कंटेंट पर कोर्ट की क्या राय रही?
कोर्ट ने कहा कि भले ही पब्लिक फिगर होने के नाते लोग उनकी चर्चा करें, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी उनकी फोटो या आवाज का इस्तेमाल कर उन्हें बदनाम करे या उनका शोषण करे। Naga Chaitanya पिछले 15 सालों से इंडस्ट्री में हैं और उनकी अपनी एक पहचान है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इस मामले में Google LLC की तरफ से भी जानकारी दी गई कि YouTube ने कुछ AI वीडियो पहले ही हटा दिए हैं।
आगे की कानूनी प्रक्रिया और तारीख क्या है?
कोर्ट ने इस मामले में ‘डायनामिक इंजंक्शन’ की मांग पर भी विचार किया है, ताकि भविष्य में आने वाले नए गलत कंटेंट को भी रोका जा सके। एक्टर की तरफ से सीनियर एडवोकेट Vaibhav Gaggar ने दलीलें पेश कीं। अब इस केस की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होगी, जिसमें कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोर्ट ने कंटेंट हटाने के लिए कितना समय दिया है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश जारी होने के 24 घंटे के भीतर सभी आपत्तिजनक और अनधिकृत कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है।
यह मामला किस बारे में है?
यह मामला एक्टर Naga Chaitanya की फोटो, आवाज और व्यक्तित्व (Personality Rights) के गलत इस्तेमाल, डीपफेक वीडियो और अश्लील कंटेंट को हटाने से जुड़ा है।