Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को एक जरूरी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि उन वीडियो को डिलीट कराया जाए जिनमें अरविंद केजरीवाल जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जिरह करते दिख रहे हैं। ये वीडियो आम आदमी पार्टी के
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को एक जरूरी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि उन वीडियो को डिलीट कराया जाए जिनमें अरविंद केजरीवाल जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जिरह करते दिख रहे हैं। ये वीडियो आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर शेयर किए थे।
कोर्ट ने वीडियो हटाने का आदेश क्यों दिया?
दिल्ली हाई कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के नियम 3(vi) के उल्लंघन की बात कही है। कोर्ट ने X, Meta (Facebook, Instagram) और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स को 28 मार्च 2024 की कोर्ट कार्यवाही की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग हटाने का निर्देश दिया था। यह मामला तब बढ़ा जब AAP नेताओं ने इन वीडियो को सार्वजनिक रूप से साझा किया।
केजरीवाल ने जज को हटाने की मांग क्यों की?
अरविंद केजरीवाल ने 13 अप्रैल 2026 को कोर्ट में पेश होकर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को इस मामले से हटाने (रिक्यूज़ल) की मांग की। उन्होंने इसके पीछे कुछ मुख्य कारण बताए:
- केजरीवाल ने निष्पक्ष सुनवाई पर संदेह जताया।
- उन्होंने जस्टिस शर्मा के RSS से जुड़े संगठनों के कार्यक्रमों में शामिल होने का जिक्र किया।
- 9 मार्च के एक आदेश पर सवाल उठाए, जिसमें उनके पक्ष को सुने बिना कुछ टिप्पणियों को गलत मान लिया गया था।
CBI का क्या कहना है और कोर्ट का फैसला क्या रहा?
CBI ने केजरीवाल की इस मांग का कड़ा विरोध किया। CBI ने इसे निराधार और एक नाटक बताया, साथ ही कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है। वहीं, 15 अप्रैल 2026 को हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी जज को बदलने से उनके मनोबल पर बुरा असर पड़ता है और ऐसा आमतौर पर नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल कोर्ट ने इस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।