Delhi हाईकोर्ट का पुलिस को आदेश, छात्रों की शिकायत को केस डायरी में दर्ज करे संसद मार्ग थाना
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद मार्ग थाने के एसएचओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाकर्ताओं की शिकायत को बुधवार शाम 5 बजे तक केस डायरी में दर्ज किया जाए। यह आदेश उन छात्रों के मामले में
Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद मार्ग थाने के एसएचओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाकर्ताओं की शिकायत को बुधवार शाम 5 बजे तक केस डायरी में दर्ज किया जाए। यह आदेश उन छात्रों के मामले में आया है जिन्होंने 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ शिकायत की थी।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी शिकायत में दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप लांबा सहित कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने अदालत को बताया कि 23 जुलाई को शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें अब तक कोई रसीद या डायरी नंबर नहीं दिया था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में यह बात कही कि तकनीकी दिक्कतों की वजह से रसीद नहीं मिल पाई थी, लेकिन अब इसे उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पूरे मामले में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कील लगी लाठियां, पैलेट गन और इलेक्ट्रिक डंडों का इस्तेमाल किया, जिससे 90 से ज्यादा लोग घायल हुए। हालांकि दिल्ली पुलिस ने पहले पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था, लेकिन थाने की जनरल डायरी की एंट्री में एक डीसीपी रैंक के अधिकारी द्वारा इसकी अनुमति देने का जिक्र मिला है।
वहीं दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को उन सभी छात्रों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है और 3 अगस्त को सात राज्यों के मुख्य सचिवों को पेश होने के लिए कहा है। वकील माणिक गुप्ता ने भी सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की है कि 23 जुलाई को निजामुद्दीन थाने में उनके साथ मारपीट और बदसलूकी हुई थी।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि 20 जुलाई की घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जाए। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।