Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल और एप्पल को अपने प्लेटफॉर्म से उन सभी मोबाइल ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है जो पोर्नोग्राफी, वेश्यावृत्ति और ड्रग्स जैसे गैरकानूनी कामों को बढ़ावा दे रहे हैं। कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल और एप्पल को अपने प्लेटफॉर्म से उन सभी मोबाइल ऐप्स को हटाने का आदेश दिया है जो पोर्नोग्राफी, वेश्यावृत्ति और ड्रग्स जैसे गैरकानूनी कामों को बढ़ावा दे रहे हैं। कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देश की पूरी पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता। यह आदेश 13 मई 2026 को दिया गया और अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।
गूगल और एप्पल को कोर्ट ने क्या निर्देश दिए
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने साफ किया कि Google और Apple जैसी बड़ी कंपनियां केवल शिकायत मिलने का इंतजार नहीं कर सकतीं। उन्हें ऐप्स को अपलोड करने से पहले ही पूरी सावधानी बरतनी होगी। कोर्ट ने इन कंपनियों को IT Rules 2021 का सख्ती से पालन करने और इस पूरे मामले पर एक ‘कार्रवाई रिपोर्ट’ (Action Taken Report) दाखिल करने को कहा है।
इन ऐप्स के जरिए कैसे हो रहे हैं गलत काम
जनहित याचिका दायर करने वाली रुबिका थापा और उनके वकील तन्मय मेहता ने कोर्ट को बताया कि कई ऐप्स सोशल नेटवर्किंग और लाइव-स्ट्रीमिंग के नाम पर चल रहे हैं, लेकिन असल में इनका इस्तेमाल अश्लील सामग्री, मानव तस्करी और अवैध हथियारों के व्यापार के लिए हो रहा है। इन ऐप्स के जरिए करोड़ों डॉलर की अवैध कमाई की जा रही है। कई बार इनके सर्वर भारत से बाहर होते हैं, जिससे कानून लागू करने में मुश्किल आती है।
सरकार का इस मामले पर क्या कहना है
केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कोर्ट में सहमति जताई कि सरकार इन ऐप्स के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार अकेले दुनिया भर के हर कंटेंट को ब्लॉक नहीं कर सकती, इसलिए Google और Apple जैसे मध्यस्थों की जिम्मेदारी बहुत बड़ी हो जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) की भी भूमिका अहम होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल और एप्पल को क्या आदेश दिया है
कोर्ट ने आदेश दिया है कि पोर्नोग्राफी, ड्रग्स और वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देने वाले सभी ऐप्स को तुरंत हटाया जाए और भविष्य में ऐप्स को अनुमति देने से पहले उनकी गहन जांच की जाए।
इस मामले की अगली सुनवाई कब है
इस मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को तय की गई है, जिसमें कंपनियों को अपनी कार्रवाई रिपोर्ट पेश करनी होगी।