Delhi High Court का सख्त रुख, कोर्ट ने DCP से पूछा- अंतरिम सुरक्षा के बावजूद आरोपी को गिरफ्तार करने मुंबई क्यों गया IO

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने संबंधित DCP को यह जांचने के लिए कहा है कि एक जांच अधिकारी (IO) ने उस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई जाने की अ

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने संबंधित DCP को यह जांचने के लिए कहा है कि एक जांच अधिकारी (IO) ने उस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई जाने की अनुमति कैसे ली, जिसे कोर्ट से गिरफ्तारी से सुरक्षा मिली हुई थी। यह पूरा मामला धोखाधड़ी से जुड़ा है और कोर्ट ने पुलिस के दस्तावेजों में गंभीर कमियां पाई हैं।

यह मामला अमित जैन नाम के व्यक्ति से जुड़ा है, जो सुभाष प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी के केस में आरोपी हैं। जस्टिस प्रतीक जालान की बेंच ने 3 जुलाई, 2026 को इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने पाया कि जब सत्र न्यायालय और दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी हुई थी, तब भी IO ने 8 मई को मुंबई जाकर आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी की अनुमति मांगी थी। इस अनुरोध को ACP ने मंजूरी भी दे दी थी।

कोर्ट ने पाया कि अनुमति से जुड़े कागजों में गंतव्य (Destination) और अन्य जानकारियों को लेकर साफ तौर पर गलतियां और विसंगतियां थीं। इसी वजह से कोर्ट ने DCP को आदेश दिया है कि वे इस पूरी घटना की जांच करें और रिपोर्ट दाखिल करें कि आखिर किन हालातों में सुरक्षा के बावजूद ऐसी अनुमति दी गई। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक मनजीत आर्या ने अपनी दलीलें रखीं, जबकि शिकायतकर्ता के वकील मनु शर्मा को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की अनुमति मिली है।

अब कोर्ट ने IO को निर्देश दिया है कि वह जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट दो दिनों के भीतर आवेदक को सौंपे। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई, 2026 को होगी, जिसमें पुलिस की जांच रिपोर्ट पर गौर किया जाएगा।