Delhi: राजधानी दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) यूनिवर्सिटी में नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में यूनिवर्सिटी से जवाब मांगा है और नोटिस जारी किया है। कोर्ट न
Delhi: राजधानी दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) यूनिवर्सिटी में नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में यूनिवर्सिटी से जवाब मांगा है और नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सीधे तौर पर सवाल किया है कि भर्ती किए गए लोगों में से एक बड़ा हिस्सा सिर्फ एक ही समुदाय का क्यों है।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा?
यह मामला एक PIL (जनहित याचिका) से जुड़ा है जिसे राम निवास सिंह ने दाखिल किया था। याचिका में आरोप लगाया गया कि यूनिवर्सिटी ने ‘Everest Human Resource Consultants’ नाम की एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए स्टाफ भर्ती किया। याचिकाकर्ता का दावा है कि 986 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों में से 720 लोग एक ही खास समुदाय से हैं। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस पर नाराजगी जताई और यूनिवर्सिटी से विवरण मांगा है।
यूनिवर्सिटी और याचिकाकर्ता की दलीलें क्या हैं?
याचिकाकर्ता के वकील अरुण भारद्वाज ने कहा कि भर्ती के लिए जिस एजेंसी को चुना गया, वह भेदभाव कर रही है और यह भारतीय संविधान और जामिया मिल्लिया इस्लामिया एक्ट 1988 के खिलाफ है। उन्होंने मांग की है कि भर्ती के लिए नया टेंडर निकाला जाए। वहीं, JMI के वकील प्रीतिश सभरवाल ने दलील दी कि किसी एजेंसी द्वारा किसी भी समुदाय के लोगों को रखना आर्टिकल 16 का उल्लंघन नहीं है क्योंकि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।
पुराने विवाद और आरक्षण का मुद्दा
इससे पहले जून 2023 में भी एक PIL दाखिल हुई थी, जिसमें JMI द्वारा SC/ST आरक्षण खत्म करने और धर्म आधारित आरक्षण लागू करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। उस समय हाईकोर्ट ने UGC और केंद्र सरकार को भी नोटिस भेजा था। कोर्ट ने यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया था कि असिस्टेंट रजिस्ट्रार और क्लर्क जैसे पदों पर याचिकाकर्ताओं के लिए एक सीट खाली रखी जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाईकोर्ट ने JMI से क्या सवाल पूछा है?
कोर्ट ने पूछा है कि नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती में 1000 में से 990 लोग एक ही समुदाय से क्यों हैं और इस पर यूनिवर्सिटी से विस्तृत जानकारी मांगी है।
भर्ती के लिए किस एजेंसी का इस्तेमाल किया गया था?
यूनिवर्सिटी ने नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती के लिए ‘Everest Human Resource Consultants’ नाम की एक प्राइवेट एजेंसी को कॉन्ट्रैक्ट दिया था।