Delhi HC में Telegram की याचिका पर सुनवाई, NEET-UG परीक्षा को लेकर ऐप पर लगा था बैन
Delhi: मैसेजिंग ऐप Telegram को भारत में अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जाने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह बैन IT एक्ट के तहत लगाया गया है ताकि NEET-UG की दोबारा होने वाली परीक्षा में क
Delhi: मैसेजिंग ऐप Telegram को भारत में अस्थायी रूप से ब्लॉक किए जाने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह बैन IT एक्ट के तहत लगाया गया है ताकि NEET-UG की दोबारा होने वाली परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। कोर्ट ने इस मामले में तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया है और अगली सुनवाई गुरुवार, 18 जून को दोपहर 2:30 बजे तय की है।
सरकार ने यह कदम 16 जून 2026 को उठाया था, जिसके तहत Telegram की पहुंच 22 जून तक सीमित कर दी गई है। साथ ही, सरकार ने ऐप के मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून 2026 तक बंद करने का निर्देश दिया है। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि 21 जून को होने वाली NEET-UG की दोबारा परीक्षा को नकल और धांधली से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
कोर्ट में केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार के पास पुख्ता सबूत हैं कि इस प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने बताया कि मई महीने से Telegram के साथ इस मुद्दे पर बात चल रही थी, लेकिन अवैध गतिविधियों वाले चैनल बार-बार वापस आ रहे थे। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों के साथ धोखाधड़ी हो रही है और परीक्षा की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।
दूसरी तरफ, Telegram के वकील माधव खोसला ने दलील दी कि इस बैन से भारत के 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक ऐप को निशाना बनाना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। Telegram का दावा है कि उन्होंने NEET से जुड़ी 900 से ज्यादा अवैध लिंक्स को हटाया है। ऐप के फाउंडर पावेल ड्यूरोव ने इस फैसले को गलत और जरूरत से ज्यादा सख्त बताया है। उनका कहना है कि इससे आम यूजर्स को परेशानी हो रही है, जबकि लीक करने वाले लोग अब दूसरे ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।