Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने जीवन रक्षक दवाओं की अवैध तरीके से विदेशों में भेजी जा रही खेप के मामले में केंद्र सरकार और नियामक एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई एक जनहित याचिका (PIL) के बाद हुई है, जिसमें आरोप ल
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने जीवन रक्षक दवाओं की अवैध तरीके से विदेशों में भेजी जा रही खेप के मामले में केंद्र सरकार और नियामक एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई एक जनहित याचिका (PIL) के बाद हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारत के मरीजों के लिए बनी जरूरी दवाइयां चुपके से बाहर भेजी जा रही हैं।
क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट में जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। याचिका में कहा गया है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Oncology दवाइयां, जो सिर्फ भारत में इस्तेमाल के लिए थीं, उन्हें अवैध रूप से निर्यात किया गया। कोर्ट ने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से इस पर जवाब मांगा है और अब तक की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड पेश करने को कहा है।
किन एजेंसियों से मांगा गया जवाब?
हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ-साथ उन सभी रेगुलेटरी एजेंसियों को नोटिस भेजा है जो दवाओं के कंट्रोल और एक्सपोर्ट की निगरानी करती हैं। इसमें Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) और राज्य के ड्रग कंट्रोलर्स जैसे विभाग शामिल हो सकते हैं। कोर्ट यह जानना चाहता है कि ऐसी दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
आम जनता पर इसका क्या असर होगा?
अगर जीवन रक्षक दवाइयां भारत के बजाय बाहर भेजी जाती हैं, तो देश के अंदर इनकी कमी हो सकती है। इससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है और दवाओं की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। यह मामला सीधे तौर पर उन मरीजों से जुड़ा है जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए महंगी और दुर्लभ दवाओं पर निर्भर रहते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली हाई कोर्ट ने किसे नोटिस जारी किया है?
कोर्ट ने केंद्र सरकार और दवाओं की निगरानी करने वाली रेगुलेटरी एजेंसियों को नोटिस जारी किया है ताकि दवाओं के अवैध निर्यात पर जवाब मिल सके।
इस याचिका में मुख्य रूप से किन दवाओं का जिक्र है?
इस PIL में मुख्य रूप से कैंसर के इलाज में काम आने वाली Oncology दवाओं और अन्य जीवन रक्षक दवाओं के अवैध डायवर्जन और निर्यात का आरोप लगाया गया है।