Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के Hansraj College में सोशल मीडिया पर कॉलेज की छवि खराब करने के आरोप में एक छात्र को सस्पेंड किया गया था। इस फैसले के खिलाफ छात्र Parth Srivastava ने Delhi High Court का दरवाजा खटखटाया है। जस्टि
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के Hansraj College में सोशल मीडिया पर कॉलेज की छवि खराब करने के आरोप में एक छात्र को सस्पेंड किया गया था। इस फैसले के खिलाफ छात्र Parth Srivastava ने Delhi High Court का दरवाजा खटखटाया है। जस्टिस जसमीत सिंह ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कॉलेज प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों हुआ सस्पेंशन
Hansraj College ने 20 से 25 अप्रैल के बीच करीब 30 छात्रों को सस्पेंशन नोटिस भेजे थे। कॉलेज का कहना था कि इन छात्रों ने सोशल मीडिया पर गलत आरोप लगाए और अनुशासन तोड़ा। कॉलेज ने 1 अप्रैल को एक SOP जारी किया था, जिसमें बिना अनुमति मीडिया से बात करने और सोशल मीडिया पर अपमानजनक बातें लिखने पर रोक लगाई गई थी। प्रिंसिपल Rama Sharma ने कहा कि कॉलेज का माहौल बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था।
कोर्ट ने क्या राहत दी और अब आगे क्या होगा
कोर्ट ने छात्र Parth Srivastava को अंतरिम राहत देते हुए उन्हें परीक्षा फॉर्म जमा करने के लिए एक घंटे के लिए कैंपस में आने की अनुमति दी थी। छात्र के वकील Shaurya Vikram ने दलील दी कि यह सस्पेंशन गैरकानूनी है और बिना किसी सबूत के किया गया है। कोर्ट ने अब कॉलेज प्रशासन को जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई मई के दूसरे हफ्ते में होगी।
अन्य छात्रों की स्थिति और कॉलेज की कार्रवाई
कॉलेज के स्टूडेंट्स वेलफेयर कमेटी के कन्वीनर विनोद कुमार मायला ने बताया कि 30 में से 29 छात्रों का सस्पेंशन खत्म कर दिया गया है। अब केवल पार्थ श्रीवास्तव का मामला कोर्ट में लंबित है। इसके अलावा, कॉलेज के वार्षिक उत्सव के दौरान हुई हिंसा को लेकर 13 लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई थी। कोर्ट ने कॉलेज से कैंपस में एक शादी का कार्यक्रम आयोजित करने के बारे में भी स्पष्टीकरण मांगा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Hansraj College ने छात्रों को सस्पेंड क्यों किया था
कॉलेज का आरोप था कि छात्रों ने सोशल मीडिया पर कॉलेज को बदनाम किया और अनुशासन का उल्लंघन किया। कॉलेज के नियमों (SOP) के मुताबिक बिना अनुमति मीडिया से बात करना और अपमानजनक पोस्ट डालना मना है।
कितने छात्रों का सस्पेंशन वापस लिया गया है
कॉलेज प्रशासन ने कुल 30 छात्रों को नोटिस जारी किए थे, जिनमें से 29 छात्रों का सस्पेंशन खत्म कर दिया गया है। अब केवल पार्थ श्रीवास्तव का मामला कोर्ट में चल रहा है।