Delhi: NEET विरोध प्रदर्शन की NIA जांच की मांग, विदेशी फंडिंग और साजिश का आरोप
Delhi: नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ 20 जुलाई 2026 को हुए “संसद चलो” विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे आंदोलन की जांच नेशनल
Delhi: नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ 20 जुलाई 2026 को हुए “संसद चलो” विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। इस याचिका में मांग की गई है कि इस पूरे आंदोलन की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से कराई जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह केवल छात्रों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसके पीछे विदेशी फंडिंग और देश को अस्थिर करने की एक बड़ी साजिश थी।
यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल ने दायर की है, जिसमें उनके वकील स्नेह वर्धन और प्रतिभा सिन्हा हैं। याचिका में दावा किया गया है कि 20 जुलाई के मार्च के दौरान जानबूझकर हिंसा फैलाई गई, सार्वजनिक रास्तों को रोका गया और पत्रकारों पर हमले किए गए। साथ ही, इसमें संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश और पुलिसकर्मियों को चोट पहुँचाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। याचिका में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और लेखिका अरुंधति रॉय का जिक्र करते हुए वांगचुक के विदेशी संगठनों से संबंधों पर सवाल उठाए गए हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 जुलाई 2026 को इस PIL की तत्काल सुनवाई की अनुमति दे दी है। इस मामले में भारत सरकार, NIA, CBI, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और दिल्ली सरकार को प्रतिवादी बनाया गया है।
दूसरी ओर, इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग को लेकर भी अलग से याचिकाएं दायर हुई थीं। 22 जुलाई 2026 को हाई कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उस दिन के सभी सीसीटीवी फुटेज और जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। इन याचिकाओं की अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली एक अलग याचिका की तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।