Delhi: दिल्ली के बीचों-बीच स्थित Delhi Race Club के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस क्लब को सरकारी जमीन से हटाने की प्रक्रिया पर लगी रोक को हटा लिया है। अब केंद्र सरकार इस जमीन को वापस लेने के लिए अपनी क
Delhi: दिल्ली के बीचों-बीच स्थित Delhi Race Club के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस क्लब को सरकारी जमीन से हटाने की प्रक्रिया पर लगी रोक को हटा लिया है। अब केंद्र सरकार इस जमीन को वापस लेने के लिए अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा सकेगी। कोर्ट ने साफ किया है कि क्लब को पहले अपने विरोध दर्ज कराने चाहिए, न कि सीधे कोर्ट आना चाहिए।
क्यों हो रही है Delhi Race Club की बेदखली?
केंद्र सरकार का कहना है कि लोक कल्याण मार्ग (पुराना रेस कोर्स रोड) पर स्थित करीब 53 से 84 एकड़ जमीन पर यह क्लब बिना किसी कानूनी अधिकार के काबिज है। सरकार के मुताबिक, इस जमीन का लीज एग्रीमेंट 31 दिसंबर 1994 को खत्म हो गया था और इसे कभी रिन्यू नहीं किया गया। इसी वजह से पब्लिक प्रिमिसिस एक्ट 1971 के तहत क्लब को अनधिकृत कब्जाधारी मानकर हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है।
कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने 26 मई 2026 को यह फैसला सुनाया। इससे पहले 24 अप्रैल 2026 को एक सिंगल जज ने बेदखली पर रोक लगा दी थी, जिसे अब हटा दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि क्लब को पहले एस्टेट ऑफिसर के सामने अपनी बात रखनी चाहिए। अगर वे उस फैसले से खुश नहीं होते, तो एक्ट की धारा 9 के तहत अपील कर सकते हैं।
अब तक क्या-क्या हुआ?
- मार्च 2026: केंद्र सरकार ने नोटिस भेजकर जमीन का शांतिपूर्ण कब्जा मांगा।
- 17 अप्रैल 2026: अधिकारियों ने पब्लिक प्रिमिसिस एक्ट के तहत शो-कॉज नोटिस जारी किया।
- 24 अप्रैल 2026: हाई कोर्ट के सिंगल जज ने जुलाई के अंत तक बेदखली पर रोक लगाई थी।
- 26 मई 2026: डिवीजन बेंच ने रोक हटाकर सरकार को कार्रवाई की अनुमति दे दी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Delhi Race Club को हटाने का मुख्य कारण क्या है?
केंद्र सरकार का दावा है कि क्लब की जमीन का लीज एग्रीमेंट 31 दिसंबर 1994 को खत्म हो गया था, जिसके बाद से उनका कब्जा गैर-कानूनी है।
कोर्ट ने क्लब को क्या सलाह दी है?
कोर्ट ने कहा है कि क्लब को सीधे कोर्ट आने के बजाय पहले एस्टेट ऑफिसर के पास अपनी आपत्तियां दर्ज करानी चाहिए।