Delhi High Court के वकीलों ने खत्म की हड़ताल, कानून मंत्री और चीफ जस्टिस से मुलाकात के बाद लिया फैसला

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों ने अपनी तीन दिनों से चली आ रही हड़ताल वापस ले ली है। दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के सदस्यों ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय से

Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों ने अपनी तीन दिनों से चली आ रही हड़ताल वापस ले ली है। दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के सदस्यों ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय से बातचीत के बाद यह फैसला किया। अब शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 से कोर्ट में कामकाज दोबारा शुरू हो जाएगा।

वकील 14 जुलाई 2026 से काम बंद करके विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मुख्य आपत्ति जिला अदालतों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र (pecuniary jurisdiction) को बढ़ाने के प्रस्ताव पर थी। सरकार जिला अदालतों की सीमा को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करना चाहती है। वकीलों का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली हाई कोर्ट के पास आने वाले केस करीब 70% तक कम हो जाएंगे, जिससे कई वकीलों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा।

इस मामले में सीनियर एडवोकेट स्वाति सुकुमार ने कहा कि इस बढ़ोतरी का कोई ठोस आधार या डेटा नहीं दिया गया है, खासकर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) से जुड़े मामलों में। वहीं सीनियर एडवोकेट जे साई दीपक ने बताया कि इस प्रस्ताव पर हाई कोर्ट की जो रिपोर्ट तैयार हुई थी, उसे बार एसोसिएशन के साथ साझा नहीं किया गया है।

चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय ने वकीलों को भरोसा दिया है कि उनके द्वारा दिए गए सुझावों और शिकायतों की बारीकी से जांच की जाएगी। हालांकि हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन DHCBA ने साफ किया है कि वे इस प्रस्ताव का विरोध जारी रखेंगे और अपनी मांगें मनवाने के लिए कोशिश करते रहेंगे।