Delhi High Court में वकीलों की हड़ताल 15 जुलाई तक बढ़ी, फिजिकल और वर्चुअल सुनवाई से रहेंगे दूर
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों ने अपनी हड़ताल का समय बढ़ा दिया है। Delhi High Court Bar Association (DHCBA) ने अब 15 जुलाई तक न्यायिक काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस दौरान वकील कोर्ट में न तो शारीरिक रूप से
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों ने अपनी हड़ताल का समय बढ़ा दिया है। Delhi High Court Bar Association (DHCBA) ने अब 15 जुलाई तक न्यायिक काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस दौरान वकील कोर्ट में न तो शारीरिक रूप से मौजूद रहेंगे और न ही ऑनलाइन सुनवाई में हिस्सा लेंगे।
यह विरोध प्रदर्शन जिला अदालतों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र (pecuniary jurisdiction) को 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव के खिलाफ है। DHCBA का कहना है कि अगर यह बदलाव हुआ तो हाई कोर्ट के ओरिजिनल साइड के करीब 70% केस जिला अदालतों में चले जाएंगे। इससे न्याय प्रणाली पर बुरा असर पड़ेगा और हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले कई वकीलों की रोजी-रोटी पर संकट आ सकता है।
DHCBA के अध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट N Hariharan ने वकीलों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कोर्ट रूम में जाकर व्यक्तिगत रूप से वकीलों से इस बहिष्कार का समर्थन करने को कहा। उनका यह भी मानना है कि इस तरह के बदलाव आगे चलकर क्रिमिनल मामलों में भी लागू हो सकते हैं।
दूसरी तरफ, हाई कोर्ट की एक बेंच ने इस स्थिति पर गौर करते हुए कहा कि वे किसी भी वकील को केस बहस करने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा, एक और जरूरी जानकारी यह है कि 15 जुलाई 2026 से उन गाड़ियों को दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिन पर 2026 का वैध स्टिकर नहीं लगा होगा।