Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से खुद को अलग करने (recusal) की याचिका पर अपना फैसला सुनाने का समय बदल दिया है। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को यह आदेश दोपहर 2:30 बजे की जगह अब शाम 4:30
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से खुद को अलग करने (recusal) की याचिका पर अपना फैसला सुनाने का समय बदल दिया है। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को यह आदेश दोपहर 2:30 बजे की जगह अब शाम 4:30 बजे सुनाया जाएगा। इस बीच कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल द्वारा दाखिल किए गए जवाब को रिकॉर्ड पर ले लिया है।
केजरीवाल की याचिका और कोर्ट का फैसला क्या है?
AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से केस सुनने के लिए मना करने की मांग की थी। केजरीवाल ने 16 अप्रैल को एक हलफनामा दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि जज के बच्चे केंद्र सरकार के वकील हैं और उन्हें सॉलिसिटर जनरल से काम मिलता है, जो इस केस में CBI की तरफ से पेश हो रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने इसे हितों का टकराव बताया था।
CBI ने क्यों किया विरोध और कोर्ट ने क्या कहा?
CBI की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केजरीवाल के जवाब को स्वीकार करने का विरोध किया। उनका कहना था कि जब फैसला सुरक्षित रख लिया जाता है, तो नए कागजात नहीं लिए जाते। हालांकि, कोर्ट ने केजरीवाल की इस दलील को माना कि जवाब न लेने से न्याय में गलती हो सकती है। जस्टिस शर्मा ने कहा कि वह नियमों से हटकर यह रियायत दे रही हैं और उन्होंने इस जवाब को लिखित बयान के तौर पर स्वीकार कर लिया।
केस से जुड़ी मुख्य बातें एक नजर में
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| मामला |
एक्साइज पॉलिसी (शराब नीति) केस |
| याचिका |
जज के recusal (हटने) की मांग |
| नया समय |
शाम 4:30 बजे, 20 अप्रैल 2026 |
| CBI का तर्क |
इसे एक सोची-समझी साजिश और सोशल मीडिया कैंपेन बताया |
| कोर्ट का रुख |
केजरीवाल के rejoinder को रिकॉर्ड पर लिया |