Delhi: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं के खिलाफ दायर एक अवमानना याचिका में नया मोड़ आया है। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस तेजस कारिया ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। अब इस केस की अ
Delhi: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं के खिलाफ दायर एक अवमानना याचिका में नया मोड़ आया है। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस तेजस कारिया ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। अब इस केस की अगली सुनवाई 23 अप्रैल 2026 को एक अलग बेंच के सामने होगी।
जस्टिस तेजस कारिया ने खुद को अलग क्यों किया?
जस्टिस तेजस कारिया ने 22 अप्रैल 2026 को इस मामले से हटने का फैसला किया। इसकी मुख्य वजह यह है कि जज बनने से पहले वह सोशल मीडिया कंपनी Meta (Facebook) के कानूनी सलाहकार थे और कई केसों में पेश हुए थे। चूंकि इस मामले में सोशल मीडिया कंपनियों की भूमिका और नियमों के उल्लंघन की बात है, इसलिए उन्होंने खुद को अलग करना सही समझा। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने निर्देश दिया कि अब यह मामला ऐसी बेंच सुने जिसमें जस्टिस कारिया सदस्य न हों।
क्या है पूरा मामला और किन पर हैं आरोप?
यह पूरा विवाद 13 अप्रैल 2026 को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में हुई कार्यवाही से जुड़ा है। आरोप है कि कोर्ट की कार्यवाही को बिना अनुमति के रिकॉर्ड किया गया और उसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया। याचिकाकर्ता अधिवक्ता वैभव सिंह ने कहा कि यह दिल्ली हाई कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इस केस में कौन-कौन लोग शामिल हैं?
इस अवमानना याचिका में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनकी लिस्ट नीचे दी गई है:
| श्रेणी |
नाम/संस्था |
| राजनीतिक नेता |
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, संजीव झा, प्रदीप साहनी, दिग्विजय सिंह |
| पत्रकार |
रवीश कुमार |
| संस्थाएं |
दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन, Meta Platforms, X (ट्विटर), Google |
याचिका में मांग की गई है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (SIT) बनाई जाए और सोशल मीडिया से उन वीडियो क्लिप्स को हटाया जाए।